
पारदर्शी विकास न्यूज़ अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी के मामले के बाद सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आपात बैठक करीब तीन घंटे तक चली। बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने बताया कि महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे ट्रस्ट के संविधान के अनुसार स्वीकार कर लिए गए हैं। चंपत राय की अनुपस्थिति में सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।गोविंद देव गिरि ने कहा कि चढ़ावा चोरी की घटना अत्यंत दुखद और लज्जाजनक है। उन्होंने बताया कि चंपत राय ने स्वयं कहा था कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी और न्यायिक कार्रवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनके लिए पद पर बने रहना उचित नहीं होगा। ट्रस्ट के संविधान में त्यागपत्र मिलते ही उसे स्वीकार करने का प्रावधान है, इसलिए उनके इस्तीफे को मंजूरी दी गई।बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, वित्तीय प्रबंधन और दान व्यवस्था की समीक्षा की गई। ट्रस्ट ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर सहमति जताई। साथ ही, विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई।कोषाध्यक्ष ने बताया कि ट्रस्ट के पास रामायण, चरण पादुका समेत लगभग 2,800 पंजीकृत धार्मिक वस्तुओं का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि इन वस्तुओं के गायब होने संबंधी अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है।उन्होंने बताया कि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद 22 जुलाई को ट्रस्ट की अगली बैठक होगी, जिसमें आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और पूरे मामले में पारदर्शिता बनाए रखी जाएगी।
झूठ का प्रपंच खड़ा किया जा रहा है। अपराधियों को दंड मिलेगा। हमें न्यायालय पर विश्वास है। राम भक्तों का आभार व्यक्त करता हूं। अगर किसी को कोई शिकायत है तो कार्यालय में आकर मिलें। हम सभी सवालों का उत्तर देंगे। आस्था और विश्वास बनाए-गोविंद देव गिरि
जब तक अपराधी पकड़े नहीं जाते तब तक पद पर रहना सही नहीं है। जो हुआ वह कष्टदायी है। इससे हम सब दुखी हैं। चढ़ावा चोरी लज्जाजनक घटना है।-चंपत राय