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राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर संतों में नाराजगी, जिम्मेदारी तय करने की मांग

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PARDARSHI VIKASH NEWS अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े विवाद के बाद देशभर के संतों में नाराजगी देखने को मिल रही है। संतों का कहना है कि यह मामला केवल धन से जुड़ा नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ा है। उनका सवाल है कि जब भगवान राम ने मर्यादा के लिए बड़ा त्याग किया, तो उनके मंदिर में ऐसी स्थिति कैसे बनी।कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर ने कहा कि मंदिर का धन हड़पना गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषियों को सामने लाया जाना चाहिए और मंदिर व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने सरकारी हस्तक्षेप से अलग धार्मिक व्यवस्थाओं के लिए सनातन बोर्ड बनाने की मांग भी दोहराई।आचार्य शांतनु महाराज ने कहा कि राम मंदिर सेवा और मर्यादा का प्रतीक है। उन्होंने मांग की कि जिन लोगों पर आरोप लगे हैं, उन्हें जांच पूरी होने तक अपने पदों से अलग हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह केवल रुपये, सोने-चांदी की चोरी नहीं बल्कि भक्तों के भरोसे को ठेस पहुंचाने का मामला है।वैष्णव किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर हिमांगी सखी ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट से जुड़े सभी लोगों और चढ़ावे की गिनती करने वालों की जांच होनी चाहिए।वहीं कुछ संतों ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। संतों का कहना है कि पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद सामने आनी चाहिए।इस बीच एसआईटी लगातार मंदिर परिसर में जांच कर रही है। चढ़ावे की गिनती, रिकॉर्ड और बैंक जमा करने की प्रक्रिया से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है। मामले में अब तक कई लोगों से पूछताछ हो चुकी है और जांच जारी है।