
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के पास धरने के दौरान लोक सभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस सांसदों की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस ने जोरदार आंदोलन शुरू किया है। जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से बुधवार को दूसरे दिन भी केंद्र सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस्तीफा देने की मांग की गई।
बीती रात जिले के विभिन्न गांवों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया। वहीं आज जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप सिंघल के नेतृत्व में केंद्रीय कांग्रेस कार्यालय, गौरीगंज के बाहर सैकड़ों महिलाओं, पुरुषों, युवाओं, छात्रों एवं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
वक्ताओं ने कहा कि देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले परिवार के सदस्य राहुल गांधी की गिरफ्तारी लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई।
धरने के दौरान पूरे परिसर में "सेवक नहीं, यह कायर है, यह तो जनरल डायर है" तथा "जब-जब मोदी जुल्म करेगा, सत्ता की गलियारों में—चप्पा-चप्पा गूंज उठेगा इंकलाब के नारों से" जैसे नारे लगातार गूंजते रहे। कई घंटे तक चले इस आंदोलन में बड़ी संख्या में राहगीरों, छात्रों, महिलाओं और आम नागरिकों ने भी सहभागिता दर्ज कराई।
कार्यक्रम के समापन पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप सिंघल ने सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र, संविधान और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक संघर्ष निरंतर जारी रखेगी।