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PDA का ‘P’ अब पंडित कैसे हो गया?:दिनेश शर्मा

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पारदर्शी विकास न्यूज़  कानपुर। तुलसी जयंती के अवसर पर मानस संगम की ओर से आयोजित संगीत अर्चना एवं काव्यांजलि कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा भ्रम की स्थिति में है, इसलिए PDA में ‘P’ का अर्थ कभी पीड़ित, कभी पिछड़ा और अब पंडित बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रद्धा केवल नाम से नहीं, बल्कि क्रिया और कर्म से दिखाई देती है।दिनेश शर्मा ने कहा कि जिन पंडितों को कभी सपा की सभाओं और प्रेस कॉन्फ्रेंस से बाहर कर दिया जाता था, आज उन्हीं के प्रति श्रद्धा जताई जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं के सकारात्मक रवैये के कारण विपक्ष के पास कहने के लिए कुछ नहीं बचा है।पूर्व उपमुख्यमंत्री ने सनातनी एकता पर जोर देते हुए कहा कि समाज के कमजोर वर्गों को साथ लेकर ही भगवान राम आगे बढ़े थे। उन्होंने कहा कि अगड़ा, पिछड़ा, शोषित और दलित सभी वर्गों को मिलाकर सनातनी एकता मजबूत होती है। इस दौरान उन्होंने ‘सियावर रामचंद्र की जय’ और ‘पवनसुत हनुमान की जय’ के जयघोष भी लगाए।अखिलेश यादव के मंदिर निर्माण के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी तो सभी रामलला के चरणों में जाएंगे। उन्होंने केजरीवाल के हनुमान चालीसा गाने का भी जिक्र करते हुए विपक्ष पर तंज कसा।कार्यक्रम की शुरुआत भजन एवं संगीत प्रस्तुतियों से हुई। अतिथियों को गोस्वामी तुलसीदास का चित्र भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में तुलसीदास के साहित्य और रामचरितमानस के महत्व पर चर्चा हुई।इस अवसर पर मंत्री दयालू शंकर मिश्रा, सांसद रमेश अवस्थी, विधायक नीलिमा कटियार, एमएलसी अरुण पाठक, उत्तर जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित, युवा मोर्चा उत्तर जिलाध्यक्ष शिवांग मिश्रा समेत कई जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।कार्यक्रम में कानपुर के झंडा गीत रचयिता श्यामलाल गुप्ता के योगदान को भी याद किया गया। सांसद रमेश अवस्थी को झंडा गीत को सदन में कानूनी दर्जा दिलाने की मांग उठाने के लिए मानस संगम संस्था की ओर से विशेष रूप से सम्मानित किया गया।


डिप्टी सीएम बोले- सनातनी घूंसा के आगे कोई नहीं टिकेगा
डिप्टी सीएम ने कहा- समाज के सारे कमजोर वर्ग को इकट्ठा करने के बाद राम चलते हैं। इसलिए ये बजरंग बली का घूंसा बनाने से पहले अगड़ा, पिछड़ा, शोषित, दलित ये मिलाकर सनातनी घूंसा बने। मेरे साथ जोर से बोलिए सियावर रामचंद्र की जय। पवनसुत हनुमान की जय।