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पश्चिम बंगाल में BJP की जीत के बाद बांग्लादेश सतर्क, अवैध प्रवासियों के ‘पुशबैक’ को लेकर जताई चिंता

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PARDARSHI VIKASH NEWS पश्चिम बंगाल चुनाव में BJP की जीत के बाद बांग्लादेश सरकार ने भारत से कथित अवैध प्रवासियों को जबरन सीमा पार भेजे जाने की आशंका जताई है। बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने कहा है कि वे उम्मीद करते हैं कि भारत की ओर से ‘पुशबैक’ की घटनाएं नहीं बढ़ेंगी और किसी व्यक्ति को अवैध प्रवासी बताकर जबरन बांग्लादेश की सीमा में नहीं धकेला जाएगा। इसी को देखते हुए बांग्लादेश की सीमा सुरक्षा बल को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।इससे पहले बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान भी कह चुके हैं कि यदि ऐसे मामले बढ़ते हैं तो उनकी सरकार उचित कदम उठाएगी। दरअसल पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान BJP ने ममता बनर्जी सरकार पर बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया था, जिसके बाद यह मुद्दा और संवेदनशील बन गया है।इसी बीच बांग्लादेश की सत्ताधारी BNP के सूचना सचिव अजीजुल बारी हेलाल ने पश्चिम बंगाल में BJP की जीत का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इससे भारत-बांग्लादेश संबंध बेहतर होंगे। उन्होंने ममता बनर्जी सरकार पर तीस्ता जल बंटवारा समझौते में बाधा डालने का आरोप लगाया और कहा कि नई राजनीतिक परिस्थितियों में इस समझौते को आगे बढ़ाने की संभावना बढ़ सकती है।तीस्ता नदी का मुद्दा लंबे समय से दोनों देशों के बीच विवाद का विषय बना हुआ है। हिमालय से निकलकर सिक्किम और पश्चिम बंगाल होते हुए बांग्लादेश पहुंचने वाली इस नदी के पानी पर दोनों देशों की निर्भरता काफी अधिक है। बांग्लादेश लंबे समय से नदी के 50 प्रतिशत पानी की मांग कर रहा है, जबकि भारत की भी अपनी जरूरतें हैं। पश्चिम बंगाल सरकार लगातार यह तर्क देती रही है कि अतिरिक्त पानी साझा करने से राज्य में सिंचाई और पेयजल संकट गहरा सकता है।भारत और बांग्लादेश के बीच 54 साझा नदियां होने के बावजूद अब तक केवल गंगा और कुशियारा नदी पर ही औपचारिक समझौते हो पाए हैं, जबकि तीस्ता पर स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल सका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला सिर्फ जल बंटवारे का नहीं बल्कि दोनों देशों की राजनीति, सीमा सुरक्षा और क्षेत्रीय संतुलन से भी जुड़ा हुआ है।