
पारदर्शी विकास न्यूज़।
कानपुर देहात के रसूलाबाद थाना क्षेत्र में पूर्व समाजवादी पार्टी एमएलसी कमलेश पाठक और उनके चार भाइयों के खिलाफ फर्जी वसीयत तैयार कर करोड़ों रुपये की पुश्तैनी जमीन हड़पने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। कमलेश पाठक फिलहाल औरैया के गैंगस्टर एक्ट मामले में जेल में बंद हैं।यह मामला ग्राम जोत निवासी अवधेश कुमार की तहरीर पर दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके पिता स्वर्गीय रामशंकर के मामा गोबर्धन चौबे निसंतान थे। उन्होंने वर्ष 1981 में अपनी कृषि भूमि और आवासीय संपत्ति की विधिवत वसीयत रामशंकर के नाम कर दी थी। गोबर्धन चौबे की मृत्यु के बाद संपत्ति राजस्व अभिलेखों में भी रामशंकर के नाम दर्ज हो गई थी।आरोप है कि कमलेश पाठक, उनके भाई संतोष पाठक, रामू पाठक, ललित पाठक और देवेंद्र उर्फ छुन्नू पाठक ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर खुद को गोबर्धन चौबे का भांजा बताते हुए राजस्व अभिलेखों में अपना नाम दर्ज करा लिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस दौरान राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल किया गया और महत्वपूर्ण अभिलेख भी गायब करा दिए गए।अवधेश कुमार ने आरोप लगाया कि वर्षों तक शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई और विरोध करने पर उन्हें धमकियां व मारपीट का सामना करना पड़ा। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।गौरतलब है कि पूर्व सपा एमएलसी कमलेश पाठक को इसी वर्ष औरैया के चर्चित दोहरे हत्याकांड से जुड़े गैंगस्टर एक्ट मामले में छह वर्ष की सजा सुनाई गई थी। उनके भाई संतोष पाठक और रामू पाठक भी इस मामले में जेल में बंद हैं।