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औद्योगिक क्षेत्रों में अब निजी कंपनियों की एंट्री

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पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) कानपुर के औद्योगिक क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने और साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निजी कंपनियों की मदद लेने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत ट्रांसगंगा सिटी परियोजना के साथ रूमा, चकेरी और पनकी औद्योगिक क्षेत्रों में विकास कार्यों, रखरखाव और साफ-सफाई की जिम्मेदारी निजी कंपनियों को सौंपने के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे। प्राधिकरण का मानना है कि इस व्यवस्था से बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा और कार्यों की जवाबदेही भी तय की जा सकेगी।यूपीसीडा प्रदेश में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के साथ नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास और पुराने क्षेत्रों के सुदृढ़ीकरण पर काम कर रहा है। हालांकि, कर्मचारियों की लगातार घटती संख्या के कारण नियमित साफ-सफाई, सड़कों के रखरखाव, ड्रेनेज व्यवस्था और अन्य विकास कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करना चुनौती बन रहा है। इसी समस्या के समाधान के लिए प्राधिकरण निजी कंपनियों को निर्धारित कार्य सौंपने की योजना बना रहा है। इसके तहत नियमित निगरानी और तय मानकों के अनुरूप काम कराने पर जोर दिया जाएगा। साथ ही पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत रखरखाव की संभावनाएं भी तलाशी जा रही हैं।ट्रांसगंगा सिटी फोरलेन पुल परियोजना पर भी काम आगे बढ़ने लगा है। गंगा नदी पर बनने वाले इस वाई आकार के फोरलेन पुल के लिए कटरी शंकरपुर और लोधवा खेड़ा में सौ से अधिक किसानों की जमीन का सर्वे पूरा कर लिया गया है। अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वहीं, रानीघाट, धोबीघाट और भैरोघाट क्षेत्र में आवासों को हटाने तथा पुल के पिलर बनाने से जुड़े कार्य भी शुरू हो गए हैं।इस परियोजना का टेंडर बीते 14 मई को 500.50 करोड़ रुपये में फाइनल किया गया था। पुल निर्माण का जिम्मा आगरा की पीएनसी इंफ्राटेक लिमिटेड और हरियाणा की एसपी सिंगला कंस्ट्रक्शन्स प्राइवेट लिमिटेड को संयुक्त रूप से दिया गया है। भूमि अधिग्रहण सहित पूरी परियोजना की कुल लागत 753 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। पुल के निर्माण से ट्रांसगंगा सिटी और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन को बेहतर बनाने की उम्मीद है।


यूपीसीडा औद्योगिक क्षेत्रों में विकास कार्यों और रखरखाव की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विकल्पों पर काम कर रहा है। निजी कंपनियों की भागीदारी के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। वहीं, गंगा नदी पर पुल का निर्माण होने से ट्रांसगंगा सिटी को सबसे अधिक लाभ होगा।
* डॉ. बलकार सिंह, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीसीडा