
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। सरकारी योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर ऑटो चालक के नाम 80 लाख रुपये का लोन कराने का मामला सामने आया है। पीड़ित शिवम शुक्ला का आरोप है कि खुद को चार्टर्ड अकाउंटेंट बताने वाले तीन लोगों ने फर्जी फर्म तैयार कर उसके नाम पर लोन कराया। आरोपियों ने वर्ष 2019 में मृत हो चुकी उसकी मां संतोष कुमारी के कथित फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर फर्म के दस्तावेज तैयार किए।विनायकपुर निवासी शिवम के मुताबिक सितंबर 2024 में उसकी मुलाकात राहुल ओझा, ज्ञानेंद्र विश्वकर्मा और अर्पित से हुई थी। राहुल ने उसे नौकरी देने के बाद राइस मिल खोलने और पीएमएफएमई योजना के तहत लोन दिलाने का झांसा दिया। आरोप है कि इसके बाद ‘शिवम ट्रेडर्स’ नाम से फर्म रजिस्टर्ड कराई गई और मशीनों का कोटेशन तैयार कर 80 लाख रुपये का लोन करा लिया गया।करीब नौ महीने तक किस्त जमा न होने पर बैंक का नोटिस पहुंचने से शिवम को मामले की जानकारी हुई। विरोध करने पर मारपीट और धमकी देने का भी आरोप है। उसने पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल से शिकायत की। आदेश पर कल्याणपुर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।जांच में बैंक मैनेजर कुमार पवन की भूमिका भी सामने आने की बात कही गई है। पुलिस उन्हें पकड़ने बैंक पहुंची, लेकिन वह फरार हो गए। मामले में बैंक कर्मचारियों की भूमिका और अन्य लोगों से कथित धोखाधड़ी की भी जांच जारी है।