
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी/मुंशीगंज। इंदिरा गांधी स्कूल ऑफ नर्सिंग के छात्रावास में जीएनएम छात्रा दीप्ति यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने हत्या की एफआईआर दर्ज की है। मृतका की मां सुनीता यादव की तहरीर के आधार पर पुलिस ने कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. रमेश एस. और छात्रावास की वार्डेन नेहा शुक्ला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।थाना प्रभारी निरीक्षक बृजेश सिंह ने बताया कि मृतका की मां की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।मृतका की मां सुनीता यादव ने पुलिस को दी तहरीर में बेटी की हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बेटी की मौत की सूचना मिलने के बाद उनकी बहन करीब 30 मिनट में कॉलेज पहुंच गई थीं। आरोप है कि परिवार के अन्य सदस्यों के पहुंचने से पहले ही पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।सुनीता यादव ने कमरे का दरवाजा तोड़े जाने की बात पर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि उन्हें बताया गया था कि दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकाला गया, जबकि कमरे का दरवाजा टूटा नहीं था और अंदर लगी दोनों सिटकिनियां भी सही थीं। इन्हीं परिस्थितियों के आधार पर उन्होंने बेटी की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या का आरोप लगाया है।फिलहाल पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला था शव
28 अगस्त की दोपहर दीप्ति यादव का शव कॉलेज के छात्रावास स्थित कमरे में छत के पंखे से दुपट्टे के सहारे लटका मिला था। दीप्ति जीएनएम पाठ्यक्रम के अंतिम सत्र की छात्रा थी और हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। छात्रा की मौत की जानकारी मिलते ही कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।