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नहर की सफाई बनी नई मुसीबत

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सड़क किनारे पड़े सिल्ट के ढेर से उड़ रही धूल

पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। शहर के सीटीआई (CTI) नहर की सफाई के बाद निकाली गई गाद और कचरे को हटाने में हो रही लापरवाही अब स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। करीब दो सप्ताह पहले नहर की सफाई पूरी हो चुकी है, लेकिन निकाली गई सिल्ट और गंदगी आज भी सड़क किनारे पड़ी हुई है। तेज धूप में यह सिल्ट पूरी तरह सूख चुकी है और वाहनों के गुजरने पर धूल के गुबार उड़ रहे हैं, जिससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों का निकलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाई अभियान तो पूरा कर दिया गया, लेकिन गंदगी का उचित निस्तारण नहीं किया गया। नहर से निकाली गई सिल्ट को सड़क के किनारे ही छोड़ दिया गया, जिससे सड़क की चौड़ाई काफी कम हो गई है। व्यस्त मार्ग होने के कारण यहां से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं और संकरी सड़क की वजह से दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है।स्थानीय निवासी सूर्य प्रकाश शाक्य ने बताया कि नहर से निकाली गई गंदगी को पड़े हुए 12 से 13 दिन हो चुके हैं। शुरुआत में सिल्ट गीली थी, लेकिन अब पूरी तरह सूख चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन चाहे तो इसे आसानी से ट्रकों में भरकर हटवा सकता है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि सड़क इतनी संकरी हो गई है कि महिलाओं और बुजुर्गों को पैदल निकलने में भी परेशानी हो रही है। यदि जल्द ही सिल्ट नहीं हटाई गई तो बारिश के दौरान यही गंदगी कीचड़ बनकर लोगों की मुश्किलें और बढ़ा देगी।राहगीरों का कहना है कि भारी वाहनों के गुजरते ही धूल का गुबार उठने लगता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन की समस्या हो रही है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि सड़क किनारे जमा गंदगी से बदबू भी फैल रही है और लंबे समय तक इसी तरह पड़े रहने से संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।सुबह और शाम के समय ट्रैफिक अधिक होने पर सड़क संकरी होने की वजह से जाम जैसी स्थिति बन जाती है। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि सफाई अभियान का उद्देश्य लोगों को राहत देना था, लेकिन अधूरा कार्य अब नई समस्या बन गया है।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क किनारे पड़े सूखे सिल्ट और कचरे को तत्काल हटाकर डंपिंग ग्राउंड भेजा जाए, ताकि सड़क पहले की तरह सुचारु हो सके और लोगों को धूल, गंदगी, जाम तथा संभावित दुर्घटनाओं से राहत मिल सके। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बरसात में हालात और गंभीर हो जाएंगे।