
फटकार के बाद खुलेंगी ठेकों और टैक्स वसूली की परतें
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। नगर निगम में कथित अवैध टैक्स वसूली और ठेकों में अनियमितताओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद नगर निगम प्रशासन सक्रिय हो गया है। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने ठेकेदारों से टैक्स वसूली करने वाले कथित सिंडीकेट और नगर निगम के विभिन्न ठेकों में हुई गड़बड़ियों की जांच शुरू करा दी है। मामले की पड़ताल के लिए जांच कमेटी गठित की गई है। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद नियमों की अनदेखी करने वाले जिम्मेदार लोगों और संबंधित फर्मों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।बताया गया कि शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर मंडलायुक्त और नगर आयुक्त को सख्त निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने नगर निगम में कथित रूप से किसी विशेष व्यक्ति के नाम पर टैक्स वसूली चलने और ठेकों में अनियमितताओं पर नाराजगी जताते हुए व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। इसके बाद मंडलायुक्त विजयेन्द्र पांडियन और नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी।नगर आयुक्त के अनुसार, नगर निगम के करोड़ों रुपये के टेंडरों से संबंधित फाइलों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक पड़ताल में कुछ फर्मों को निर्धारित मानकों की अनदेखी कर ठेके दिए जाने से जुड़े तथ्य सामने आने की बात कही गई है। जांच टीम टेंडर प्रक्रिया, दस्तावेजों और नियमों के पालन की बारीकी से पड़ताल कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाली फर्मों को ब्लैकलिस्ट करने समेत अन्य कार्रवाई की जा सकती है।वहीं, ठेकेदारों से कथित तौर पर टैक्स वसूली करने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। नगर निगम प्रशासन इनके संबंध में अलग रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजेगा। नगर आयुक्त ने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।शहर की खराब सड़कों और गड्ढों को लेकर भी नगर आयुक्त ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि बारिश के दौरान सड़कों की स्थायी मरम्मत कराना मुश्किल है। फिलहाल गड्ढों को पैचवर्क के जरिए भरकर लोगों को राहत देने का प्रयास किया जा रहा है। बारिश समाप्त होने के बाद हॉट मिक्स प्लांट के माध्यम से सड़कों की स्थायी मरम्मत कराई जाएगी।नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और जल निगम के बीच समन्वय स्थापित कर सड़कों की साप्ताहिक मॉनिटरिंग की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, जिस सड़क का स्वामित्व जिस विभाग के पास है, उसकी मरम्मत उसी विभाग से कराई जा रही है। बारिश के कारण अस्थायी पैचवर्क दोबारा खराब होने की स्थिति में स्थायी समाधान पर प्राथमिकता से काम किया जाएगा।
करोड़ों के टेंडर की फाइलें खंगाली जा रहीं
नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम के ठेकों में हुई गड़बड़ियों की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। प्रारंभिक जांच में कई फर्मों को मानकों की अनदेखी कर ठेके दिए जाने से जुड़े साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है।जांच टीम करोड़ों रुपए के टेंडरों से जुड़ी फाइलों की पड़ताल कर रही है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाली फर्मों को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।
टैक्स वसूली करने वालों की भी बनेगी रिपोर्ट
नगर निगम में ठेकेदारों से टैक्स वसूली करने वाले लोगों को लेकर भी अलग रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यह रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। नगर आयुक्त ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए व्यवस्था में जरूरी बदलाव भी किए जाएंगे।