
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। गुरुवार देर रात करीब 11 बजे शुरू हुई तेज बारिश ने कानपुर शहर की रफ्तार थाम दी। लगातार हुई बारिश के चलते वीआईपी रोड, पी-रोड, पांडव नगर, शास्त्री नगर, साकेत नगर, जूही खलवा पुल, गोविंद नगर, किदवई नगर, नौबस्ता समेत कई इलाकों में करीब डेढ़ फीट तक पानी भर गया। जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि कई दोपहिया वाहन बीच रास्ते में ही बंद हो गए। शुक्रवार सुबह तक भी कई क्षेत्रों में पानी जमा रहा और लोग जलभराव के बीच आवाजाही करने को मजबूर दिखे।बारिश के बाद शहर की सड़कों की बदहाल स्थिति भी सामने आ गई। पहली बारिश में धंसी और क्षतिग्रस्त सड़कों पर बने गड्ढे और बड़े हो गए हैं। अशोक नगर, बाकरगंज और पी-रोड सहित कई क्षेत्रों में सड़कें खतरनाक स्थिति में पहुंच गई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चार से पांच दिन बीतने के बावजूद नगर निगम ने मरम्मत कार्य शुरू नहीं कराया। लोगों का कहना है कि यदि इन गड्ढों की वजह से कोई हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।बारिश ने नगर निगम की नाला सफाई व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कई इलाकों में नालों की समय पर सफाई न होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो सकी और घंटों तक जलभराव बना रहा। जाजमऊ में नाले ओवरफ्लो होकर सड़क पर बहने लगे, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी दिक्कत हुई। वहीं वाजिदपुर से बीमा चौराहे तक जाने वाले मार्ग तथा ककवन रोड स्थित पुरानी पुलिस चौकी के बाहर भी जलभराव के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश का व्यापक असर देखने को मिला। घाटमपुर में देर रात तक रुक-रुककर बारिश होती रही, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहावना हो गया। दूसरी ओर बिल्हौर क्षेत्र में लगातार बारिश ने मक्का किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसान हाईवे की सर्विस रोड पर मक्का सुखाने को मजबूर हैं, लेकिन बीच-बीच में हो रही बारिश के कारण फसल सूख नहीं पा रही है। किसानों का कहना है कि लगातार नमी के चलते 30 से 35 प्रतिशत तक फसल प्रभावित होने की आशंका है।मौसम विभाग ने कानपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए अगले 24 घंटों में भारी बारिश, तेज हवाओं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 12 जुलाई तक मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहेंगी और कई स्थानों पर अच्छी बारिश होने की संभावना है। शुक्रवार सुबह शहर का तापमान लगभग 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि गुरुवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से कम रहा।कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि मक्का, अरहर, मूंग, उड़द, तिल और मूंगफली की फसलों में जलभराव न होने दें तथा अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करें। मिर्च, टमाटर और बैंगन जैसी सब्जियों के खेतों से भी तुरंत पानी निकालने की सलाह दी गई है। धान की रोपाई के लिए मौसम अनुकूल बताया गया है, लेकिन नर्सरी में जलभराव से बचने की आवश्यकता है। साथ ही अगले दो से तीन दिनों तक यूरिया, कीटनाशक और खरपतवारनाशी का छिड़काव नहीं करने, गरज-चमक के दौरान खेतों और पेड़ों के नीचे न रुकने तथा पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने की अपील की गई है।प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचें, मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतें।

जलभराव से थमी रफ्तार
शुक्रवार सुबह हुई रुक-रुककर बारिश ने जहां लोगों को गर्मी और उमस से राहत दी, वहीं शहरभर में जलभराव और ट्रैफिक जाम ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। कई प्रमुख सड़कों पर पानी भरने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा।वीआईपी रोड, फजलगंज, चावला मार्केट, नंदलाल चौराहा, गोविंदपुरी पुल, मोतीझील समेत कई प्रमुख मार्गों पर सुबह से ही यातायात प्रभावित रहा। बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव हो गया, जिससे वाहनों की रफ्तार थम गई। सीएम ग्रिड सड़क परियोजना के तहत चल रही खुदाई के कारण कई स्थानों पर सड़क पर फैली मिट्टी बारिश में फिसलन भरी हो गई, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।गोविंद नगर के नंदलाल चौराहे से निराला नगर तक वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। वहीं सीटीआई चौराहे से विजय नगर तक दोनों ओर यातायात लंबे समय तक प्रभावित रहा। रावतपुर गुटैया, गोल चौराहा और रावतपुर स्टेशन के पास रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से भी जाम की स्थिति और गंभीर हो गई।मोतीझील मेट्रो स्टेशन से हैलट अस्पताल तक लगे जाम में कई एंबुलेंस भी फंस गईं। सूचना पर पहुंची ट्रैफिक पुलिस ने मौके पर यातायात को सुचारु कराया और एंबुलेंस सहित अन्य वाहनों को सुरक्षित बाहर निकलवाया।