
2-3 फीट पानी में कैद परिवार, पंप चलने के बाद भी नहीं मिली राहत
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। मैनावती मार्ग स्थित मकड़ी खेड़ा इलाके में पिछले करीब एक सप्ताह से जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यहां कई जगहों पर 2 से 3 फीट तक पानी भरा हुआ है। इससे मकड़ी खेड़ा के साथ बालाजीपुरम और गुप्ता सोसाइटी के लोग भी प्रभावित हैं। तीनों इलाकों में करीब 700 से अधिक मकान और 20 हजार से ज्यादा आबादी जलभराव की समस्या से जूझ रही है। कई परिवार घरों में कैद हैं और जरूरी काम के लिए गंदे पानी के बीच से होकर निकलने को मजबूर हैं।स्थानीय लोगों के मुताबिक जलभराव का अधिकारियों और विधायक ने निरीक्षण किया था। इसके बाद पिछले तीन दिनों से पंप लगाकर लगातार पानी निकालने का प्रयास किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि 24 घंटे पंप चलने के बावजूद जलभराव में अपेक्षित कमी नहीं आई। आरोप है कि एक तरफ से पानी निकालकर दूसरी तरफ सड़क पर ही डाल दिया जा रहा है, जिससे मैनावती मार्ग पर भी पानी भर गया है। सड़क पर बने गड्ढों के कारण आवागमन और मुश्किल हो गया है।स्थानीय निवासी अमित टंडन ने बताया कि जलभराव के कारण बच्चों का स्कूल जाना बंद हो गया है। कई लोग जरूरी काम से भी घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। पानी इतना ज्यादा है कि लोगों ने घरों से मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए तख्त डाल रखे हैं। इन्हीं के सहारे लोग पानी पार कर रहे हैं। कई दिनों से पानी जमा होने के कारण गंदगी और बदबू भी बढ़ गई है।
बरसाती जीव-जंतुओं का भी डर
जलभराव के बीच स्थानीय लोगों में बरसाती जीव-जंतुओं का भय भी बना हुआ है। लोगों के मुताबिक पूर्व में इन इलाकों में मगरमच्छ दिखाई देने के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए थे। ऐसे में लंबे समय से जमा पानी के बीच जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा लोगों की चिंता बढ़ा रहा है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि समस्या के स्थायी समाधान के बजाय पंप लगाकर खानापूर्ति की जा रही है। लोगों ने जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कर जलभराव से राहत दिलाने की मांग की है।