
आकाश आनंद की राह में कौन बना रोड़ा?
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। बसपा प्रमुख मायावती ने बुधवार को भतीजे आकाश आनंद से नाराजगी और उनकी पार्टी में वापसी को लेकर स्थिति स्पष्ट की। मायावती ने पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि वह अपने दामाद आकाश आनंद का राजनीतिक भविष्य बेहतर चाहते हैं तो उन्हें राजनीति से संन्यास लेना चाहिए। उनके मुताबिक, इसके बाद ही आकाश को पार्टी में स्वतंत्र रूप से काम करने का अवसर मिल सकेगा।मायावती ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि अशोक सिद्धार्थ ने पार्टी के मिशन की अपेक्षा निजी और पारिवारिक महत्वाकांक्षाओं को अधिक महत्व दिया। इसका खामियाजा आकाश आनंद को भुगतना पड़ा। उन्होंने कहा कि आकाश को पुरानी जिम्मेदारियां देने पर तभी सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा, जब अशोक सिद्धार्थ राजनीति से पूरी तरह अलग हो जाएं।मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब के आगामी चुनाव बसपा के लिए महत्वपूर्ण हैं। पार्टी बहुजन समाज के हितों और आरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से निजी स्वार्थ से ऊपर उठकर संगठन और मिशन को मजबूत करने की अपील की।इसी बीच बसपा में संगठनात्मक बदलाव को लेकर भी चर्चा तेज है। 3 सितंबर की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में आकाश आनंद को नहीं बुलाया गया था, जबकि उनके छोटे भाई ईशान आनंद की मौजूदगी चर्चा में रही। आकाश ने सोशल मीडिया बायो में भी बदलाव करते हुए खुद को बसपा वर्कर बताया है।पार्टी सूत्रों के अनुसार, आकाश और अशोक सिद्धार्थ को सोशल मीडिया पर अनफॉलो कराने के निर्देश भी पदाधिकारियों को दिए गए हैं। वहीं, 25 अगस्त को जेवर में आकाश आनंद ने पार्टी के अंदर संगठनात्मक ढांचे को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने कुछ पदाधिकारियों पर काम में बाधा डालने और बदलाव लागू नहीं होने देने के आरोप लगाए थे।

आकाश आनंद ने जेवर में पार्टी के अंदरूनी ढांचे पर उठाए थे सवाल
आकाश आनंद ने 25 अगस्त को नोएडा के जेवर में कहा था कि उन्होंने अपने करियर को उसी दिन दांव पर लगा दिया था, जिस दिन उन्होंने ऐलान किया था कि सुधार करेंगे और अब सबकी सुनेंगे। उन्होंने कहा था- ‘हमारे कुछ पदाधिकारी हमें काम नहीं करने देते हैं। गलत लोग गलत जगह बैठे हुए हैं। बहुत सी ऐसी स्ट्रेटजी हैं, टेक्नोलॉजी हैं, जो हम अपनाना चाहते हैं, मगर कर नहीं पाते हैं, क्योंकि स्ट्रक्चर ऐसा बना है। वहां बैठे हुए लोग कुछ करने नहीं देना चाहते हैं, जिनको हम अभी छेड़ नहीं सकते हैं, जिनको हम अभी हिला नहीं सकते हैं।’आकाश आनंद ने कहा था कि वे उन्हें बड़ा मानते हैं और उनका आदर करते हैं। उन्होंने बिना छेड़े कुछ सुधार करने की कोशिश करने की बात कही थी। 31% वोट वाली पार्टी को इसी स्ट्रक्चर ने 2024 में 9.4% पर पहुंचा दिया। यह 2022 में मिले 13% वोट के सदमे से भी बड़ा सदमा था।