
एंबुलेंस चालकों का भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। डायल-108 और डायल-102 एंबुलेंस चालकों ने गुरुवार को राजधानी में प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। बड़ी संख्या में चालक भाजपा कार्यालय के बाहर पहुंचे और नारे लिखी तख्तियों के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान कई चालक भावुक होकर रोने लगे।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने दिन-रात लोगों की सेवा की थी। उस समय उन्हें सम्मानित किया गया और कोरोना योद्धा कहा गया, लेकिन बाद में नौकरी से निकाल दिया गया। चालकों ने नारा लगाया, “कोरोनाकाल में हमें हीरो कहा, अब हम जीरो हो गए।”चालकों का आरोप है कि GVK EMRI कंपनी ने वर्ष 2021 के बाद कई कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया। उनका कहना है कि पिछले कई वर्षों से वे रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कंपनी पर वेतन कटौती, शोषण और मनमाने तरीके से कर्मचारियों को हटाने जैसे आरोप लगाए।प्रदर्शन में पहुंचे चालकों ने स्वास्थ्य मंत्री से न्याय की मांग की। उनका कहना था कि कोरोना काल में कई कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर सेवाएं दीं, लेकिन अब उनके परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।बस्ती से आए एक प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि कंपनी में भर्ती के नाम पर पैसे लिए जाते हैं और विरोध करने वाले कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया जाता है। उन्होंने दावा किया कि कई कर्मचारियों को पिछले वर्षों में बाहर कर दिया गया।प्रदर्शन की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे एंबुलेंस चालकों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया। चालकों ने सरकार से दोबारा रोजगार देने और उनकी समस्याओं के समाधान की मांग की है।