
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। लखनऊ अग्निकांड के बाद कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चल रहे अभियान का असर शहर की सबसे बड़ी कोचिंग मंडी काकादेव में साफ दिखाई देने लगा है। कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) अब तक 30 से अधिक कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई कर उन्हें सील कर चुका है। इसके बाद क्षेत्र में संचालकों के बीच चिंता का माहौल है। गुरुवार को क्षेत्र में की गई पड़ताल के दौरान कई कोचिंग संस्थानों और काउंसिलिंग सेंटरों के शटर बंद मिले। हालांकि बाहरी तौर पर बंद दिखाई देने वाले कुछ परिसरों के अंदर गतिविधियां जारी होने के संकेत मिले। कई स्थानों पर कर्मचारियों की मौजूदगी और कार्यालय संबंधी कार्य होते दिखाई दिए।काकादेव पुलिस चौकी के पास स्थित एक भवन में करियर काउंसिलिंग और एडमिशन से जुड़े कार्य संचालित होते मिले। भवन का शटर बंद था, लेकिन अंदर कर्मचारी मौजूद थे। इसी तरह कुछ अन्य संस्थानों में भी बाहर से सन्नाटा दिखाई दिया, जबकि अंदर गतिविधियां जारी रहने की चर्चा रही।KDA की कार्रवाई का असर केवल कोचिंग संस्थानों तक सीमित नहीं है। छात्रों की संख्या में आई कमी के चलते आसपास के बाजारों पर भी प्रभाव पड़ा है। क्षेत्र की कई खाने-पीने की दुकानें बंद रहीं, जबकि सामान्य दिनों की तुलना में सड़कों पर भी भीड़ कम नजर आई।स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई के बाद कई संस्थानों ने प्रत्यक्ष रूप से संचालन सीमित कर दिया है, लेकिन वैकल्पिक तरीकों से अपनी गतिविधियां जारी रखी हुई हैं। ऐसे में सुरक्षा मानकों को लागू कराने के लिए चलाए जा रहे अभियान की प्रभावशीलता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।फिलहाल KDA का अभियान जारी है और आने वाले दिनों में नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर और कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।