
पारदर्शी विकास न्यूज़ लखनऊ। स्वास्थ्य और सामाजिक मुद्दों पर जनजागरूकता बढ़ाने तथा स्वास्थ्य बजट में वृद्धि की मांग को मजबूत करने के उद्देश्य से बजट ट्रेनिंग फेलोशिप प्रोग्राम के तहत राष्ट्रीय कला जत्था तैयार किया जा रहा है। रविवार को कला जत्था प्रशिक्षण के दूसरे दिन प्रतिभागियों को नुक्कड़ नाटक, लोकगीत, कहानी और अन्य रचनात्मक माध्यमों से प्रभावी संदेश देने का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षण में टीमवर्क, संवाद अदायगी, मंच प्रस्तुति और दर्शकों से संवाद स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया। महिला एवं बाल अधिकार, स्वास्थ्य, शिक्षा, लैंगिक समानता और किशोर-किशोरियों से जुड़े मुद्दों को रचनात्मक तरीके से समुदाय तक पहुंचाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। तेजराम भारती ने कहा कि कला केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि कला जत्थों के माध्यम से देश में साक्षरता क्रांति को भी गति मिली। प्रशिक्षण मुरलीधर और राजकपूर शुक्ला के निर्देशन में तथा ज्योति, तेजराम भारती, निशि और मोमिना परवीन की देखरेख में जारी है।