
कानपुर में शुरू हुआ बड़ा सुरक्षा अभियान
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद कानपुर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। शहर में संचालित कोचिंग संस्थानों, होटलों, हॉस्टलों, अस्पतालों, सिनेमाघरों, शॉपिंग मॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर सीलिंग, आर्थिक दंड और एफआईआर जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।इसी क्रम में मंगलवार को पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल की अध्यक्षता में पुलिस कार्यालय सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा, अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) डॉ. विपिन ताडा, कानपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, विद्युत विभाग समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और संस्थान संचालक मौजूद रहे।बैठक में अग्नि सुरक्षा, भवन संरक्षा, आपदा प्रबंधन, आपातकालीन निकास मार्ग, सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था और अन्य सुरक्षा मानकों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बेसमेंट या अन्य स्थानों पर नियमों के विपरीत संचालित किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी संस्थानों को सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि संयुक्त निरीक्षण अभियान के तहत अब तक 865 कोचिंग संस्थानों, 490 अस्पतालों, 490 स्कूलों और 160 हॉस्टलों का निरीक्षण किया जा चुका है। जांच के दौरान सुरक्षा संबंधी कमियां मिलने पर 40 से अधिक संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 30 से अधिक प्रतिष्ठानों को सील किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि चेतावनी के बावजूद नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा ने संस्थान संचालकों को आग लगने की स्थिति में बचाव उपायों, प्राथमिक अग्निशमन उपकरणों के उपयोग और सुरक्षित निकासी प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने सभी प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी उपकरणों को कार्यशील रखने, कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण देने और समय-समय पर मॉक ड्रिल कराने की सलाह दी।अपर पुलिस आयुक्त डॉ. विपिन ताडा ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि संभावित दुर्घटनाओं को रोकना और जनसुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि छात्रों, मरीजों और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने कहा कि शहर के प्रत्येक व्यावसायिक और शैक्षणिक संस्थान का सत्यापन किया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य केवल नियम लागू करना नहीं, बल्कि ऐसा सुरक्षित वातावरण तैयार करना है जहां किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न्यूनतम हो। संयुक्त निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
अग्निकांड में कानपुर के दो युवकों की मौत
लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड में कानपुर के दो युवकों की मौत हो गई। गोविंद नगर निवासी संयम विज और बर्रा निवासी सूरज सिंह लखनऊ स्थित एनीमेशन स्टूडियो में काम करते थे। मंगलवार सुबह दोनों के शव कानपुर पहुंचे तो परिवारों में कोहराम मच गया।परिजनों के मुताबिक दोनों युवक गहरे दोस्त थे और लंबे समय से साथ काम कर रहे थे। हादसे की खबर मिलते ही मां और परिवार के अन्य सदस्य शव देखकर बिलख पड़े। सूरज की मां बेटे की एक झलक पाने के लिए बार-बार कफन हटाने का प्रयास करती रहीं।सूरज के मामा जितेंद्र सिंह ने बताया कि सूरज और संयम ने साथ में एनीमेशन कोर्स किया था और करीब पांच साल से एक ही कंपनी में नौकरी कर रहे थे। उन्होंने सरकार से घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।संयम की दादी की तेरहवीं मंगलवार को थी, जिसमें शामिल होने के लिए वह घर आने वाला था। लेकिन उससे पहले ही हादसे में उसकी मौत हो गई।दोनों युवकों के घरों पर जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों का पहुंचना जारी रहा। उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी। दोनों परिवारों ने प्रशासन से न्याय और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
लखनऊ की दुखद अग्निकांड घटना से सबक लेते हुए कानपुर में सभी कोचिंग संस्थानों, होटलों, हॉस्टलों, अस्पतालों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक जांच कराई जा रही है। हमारा उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि संभावित दुर्घटनाओं को रोकना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। जिन संस्थानों में अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास, सीसीटीवी या अन्य सुरक्षा मानकों में कमी पाई जाएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन करें, क्योंकि जनसुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
-विपिन ताडा, अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था)