
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। सेंट्रल से नई दिल्ली जा रही शताब्दी एक्सप्रेस में सोमवार को एक फर्जी टीटीई (TTE) को आरपीएफ ने पकड़ लिया। आरोपी खुद को नॉर्दर्न रेलवे का टीटीई बताकर ट्रेन में यात्रा कर रहा था। पूछताछ में उसकी पहचान संदिग्ध मिलने पर आरपीएफ और रेलवे अधिकारियों ने उसे हिरासत में ले लिया।आरपीएफ के अनुसार, अनुरक्षण ड्यूटी के दौरान हेड कांस्टेबल लीलाधर और कांस्टेबल मनोज कुमार-2 शताब्दी एक्सप्रेस में मौजूद थे। अलीगढ़ स्टेशन से एक युवक कोच सी-11 में खुद को टीटीई बताते हुए चढ़ा। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर रेलवे के टीएस जितेंद्र सिंह यादव, टीटीई अनुज कुमार और आरपीएफ टीम ने उससे पूछताछ की।शुरुआत में युवक ने खुद को नॉर्दर्न रेलवे का टीटीई बताया, लेकिन पहचान और नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज मांगने पर वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम दुर्वेश कुमार पुत्र भोजराज निवासी नगला, जनपद एटा बताया और स्वीकार किया कि वह रेलवे का कर्मचारी नहीं है।आरोपी ने कबूल किया कि उसने फर्जी पहचान पत्र बनवाकर टीटीई बनकर यात्रा की और उसी के सहारे खुद को रेलवे कर्मचारी बताता रहा। आरपीएफ ने आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए गाजियाबाद स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ के सुपुर्द कर दिया। फिलहाल फर्जी पहचान पत्र तैयार करने और उसके इस्तेमाल से जुड़े पूरे मामले की जांच की जा रही है।