news-details

कानपुर में सजा साहित्य का भव्य मंच, रचनाकारों का हुआ सम्मान

You can share this post!

 

कानपुर। सोशल रिसर्च फाउंडेशन, कानपुर एवं केवल कविता मंच के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को बर्रा स्थित होटल ग्रैंड मन्नू में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, सामाजिक सरोकार और रचनात्मक लेखन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले साहित्यकारों एवं समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में कवि, साहित्यकार, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एआईसीसी सदस्य एवं  215 किदवई नगर विधानसभा विकास अवस्थी  रहे। उन्होंने सम्मानित प्रतिभाओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान करते हुए कहा कि साहित्य समाज का दर्पण है और समाज को सही दिशा देने में साहित्यकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को साहित्य से जोड़ना समय की आवश्यकता है।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। इसके बाद विभिन्न कवियों ने अपनी रचनाओं का पाठ कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। समारोह में साहित्य, संस्कृति और सामाजिक चेतना को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य करने वाले रचनाकारों का अभिनंदन किया गया।इस अवसर पर संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे आयोजन नई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के साथ-साथ साहित्यिक परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम का संचालन गरिमामय वातावरण में हुआ और अंत में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया।

 

 

"आज का सम्मान समारोह केवल पुरस्कार देने का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उन लोगों के प्रति समाज की कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर था, जिन्होंने साहित्य और सामाजिक चेतना को जीवित रखने का कार्य किया है। हमारा प्रयास रहेगा कि आने वाले समय में और अधिक युवा रचनाकारों को मंच मिले तथा साहित्य की यह परंपरा निरंतर आगे बढ़े।"-राजीव मिश्र (संयोजक)

 

"साहित्य मनुष्य को संवेदनशील बनाता है। जब समाज में संवाद कम होने लगता है, तब कविता और साहित्य लोगों को जोड़ने का काम करते हैं। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है और उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी प्राप्त होता है।"-डॉ. अनुज सिंह 'मनमीत'-विशिष्ट सहयोगी 

 

"केवल कविता मंच का उद्देश्य साहित्य को घर-घर तक पहुंचाना है। हम चाहते हैं कि हर आयु वर्ग के लोग कविता और रचनात्मक लेखन से जुड़ें। आज जिन प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया, उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।"-मनीष रंजन त्रिपाठी 'सरल ' -विशिष्ट सहयोगी 

 

"सम्मान किसी भी रचनाकार के लिए नई ऊर्जा का स्रोत होता है। हमारा प्रयास रहेगा कि साहित्यकारों को एक ऐसा मंच मिले, जहां उनकी रचनाओं को पहचान और सम्मान दोनों मिलें। समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में साहित्य की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रहेगी।"-डॉ अरुण तिवारी 'गोपाल' -विशिष्ट सहयोगी 

 

"साहित्य समाज की आत्मा है। जो समाज अपने साहित्य और संस्कृति का सम्मान करता है, वही आगे बढ़ता है। ऐसे आयोजनों से नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलता है और समाज में सकारात्मक सोच विकसित होती है। मैं आयोजन समिति को इस सफल कार्यक्रम के लिए बधाई देता हूं और आशा करता हूं कि यह पहल आगे भी निरंतर जारी रहेगी।"-मुख्य अतिथि विकास अवस्थी