
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। हिन्दू आध्यात्मिक सेवा मेले की तैयारियों को लेकर रविवार को बीएनएसडी शिक्षा निकेतन, बेनाझाबर में देशभर से आए विभिन्न सामाजिक सेवा संगठनों के प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें मेले के आयोजन, सामाजिक सहभागिता और सेवा कार्यों को व्यापक स्तर तक पहुंचाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक को संबोधित करते हुए हिन्दू आध्यात्मिक सेवा मेले के राष्ट्रीय संयोजक गुणवंत कोठारी ने कहा कि भारत की सेवा परंपरा समाज को जोड़ने और मानव कल्याण का मार्ग दिखाने वाली रही है। विभिन्न सेवा संस्थाओं को एक मंच पर लाकर उनके कार्यों को समाज के सामने रखना मेले का प्रमुख उद्देश्य है।उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में सामाजिक संस्थाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं।
इन संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर अधिक लोगों को सेवा गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि मेले में आने वाले सेवा संस्थाओं के कार्यकर्ताओं के ठहरने की व्यवस्था आयोजकों द्वारा की जाएगी।गुणवंत कोठारी ने स्पष्ट किया कि आयोजन सरकार से आर्थिक सहयोग लेकर नहीं, बल्कि समाज के सहयोग और चंदे से किया जा रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से स्टॉल पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के साथ विनम्र एवं सहयोगपूर्ण व्यवहार रखने की अपील की।उन्होंने बताया कि मेले में प्रतिदिन विभिन्न सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। शाम को करीब 45 मिनट की विशेष गंगा आरती भी होगी। बैठक में विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव साझा किए।इस अवसर पर डॉ. उमेश पालीवाल, डॉ. अरविंद दीक्षित, अमरनाथ, आदित्य पोद्दार, नवेन्दु शुक्ला, के.के. दुबे, डॉ. राहुल मिश्रा और डॉ. पूजा श्रीवास्तव समेत देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए सेवा संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।