news-details

कानपुर में बना प्रदेश का पहला ‘मित्र कीट पार्क

You can share this post!

Pardarshi Vikas News Kanpur

 खेती और पर्यावरण के क्षेत्र में एक नई पहल शुरू हुई है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पल्स रिसर्च (IIPR) कैंपस में प्रदेश का पहला मित्र कीट पार्क (एंटोमोफेज पार्क) तैयार किया गया है। इसे वैज्ञानिकों ने इस उद्देश्य से विकसित किया है कि किसान रासायनिक कीटनाशकों के बिना भी अपनी फसल को सुरक्षित रख सकें। इस पार्क की खासियत यह है कि यहां ऐसे पौधे लगाए गए हैं, जो प्राकृतिक रूप से उन कीटों को आकर्षित करते हैं, जो फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले हानिकारक कीटों को खत्म करते हैं। यानी अब खेतों में ही “मित्र कीट” शत्रु कीटों का सफाया करेंगे, जिससे फसल सुरक्षित रहेगी और उत्पादन पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।आईआईपीआर की कीट वैज्ञानिक डॉ. नीलम यादव के अनुसार, इस पहल का मकसद लोगों तक बिना केमिकल वाली सुरक्षित फसल पहुंचाना है। अब तक किसान फसलों को बचाने के लिए पेस्टीसाइड का इस्तेमाल करते रहे हैं, लेकिन इससे मिट्टी, पानी और हवा तीनों पर नकारात्मक असर पड़ता है। लंबे समय में यही केमिकल मानव स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक साबित होते हैं।इस तकनीक के तहत किसान अपने खेत के एक हिस्से में अलग से ऐसे पौधे लगा सकते हैं, जो पूरे खेत की रक्षा करेंगे। वैज्ञानिकों ने मौसम के अनुसार पौधों के चयन की भी व्यवस्था की है, ताकि हर मौसम में मित्र कीट सक्रिय रहें और फसल को नुकसान से बचाते रहें।आईआईपीआर के निदेशक डॉ. जीपी दीक्षित का कहना है कि यह मॉडल किसानों के लिए सुरक्षित और किफायती खेती की दिशा में बड़ा कदम है। इससे कीटनाशकों पर होने वाला खर्च कम होगा, मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर बनी रहेगी और पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचेगा।किसान इस मॉडल को समझने के लिए आईआईपीआर कैंपस का दौरा भी कर सकते हैं, जहां इसे प्रयोग के तौर पर विकसित किया गया है।