
PARDARSHI VIKASH NEWS आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज के आसपास 25 किलोमीटर क्षेत्र के किसानों को एक बार फिर वैज्ञानिक सलाह और आधुनिक कृषि तकनीकों की नियमित जानकारी मिल सकेगी। विश्वविद्यालय परिसर में लंबे समय से बंद पड़े नरेंद्रदेव आकाशवाणी केंद्र और कृषि तकनीकी सूचना केंद्र (एटिक) को पुनः शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। नवागत कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह की पहल से क्षेत्र के किसानों में नई उम्मीद जगी है।नरेंद्रदेव आकाशवाणी केंद्र के पुनः संचालन से किसानों को हर फसल सीजन में फसल उत्पादन, उन्नत खेती, नई तकनीकों, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा वैज्ञानिक कृषि सलाह समय-समय पर मिल सकेगी। इससे किसानों को खेती को अधिक लाभकारी बनाने में मदद मिलने की संभावना है।इसके साथ ही विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के पास स्थित कृषि तकनीकी सूचना केंद्र (एटिक) को भी फिर से सक्रिय किया जाएगा। यह केंद्र कृषि प्रसार गतिविधियों का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है, जहां वैज्ञानिक किसानों को प्रशिक्षण देने, उनकी समस्याओं के समाधान और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए नियमित रूप से उपस्थित रहेंगे।एटिक केंद्र में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, विकसित फसल प्रजातियों और अन्य तकनीकी सुविधाओं का स्थायी प्रदर्शन भी किया जाएगा, जिससे किसानों को शोध और नवाचार की जानकारी सीधे मिल सकेगी। यह केंद्र शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार कार्यक्रमों को किसानों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा।विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार डॉ. बटुक नाथ सिंह ने बताया कि एटिक केंद्र को जल्द ही पुनः शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह दोनों सुविधाएं लगभग दो दशक पहले शुरू हुई थीं, लेकिन पिछले कई वर्षों से बंद पड़ी थीं।कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने किसानों की सुविधा के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर शुरू करने की भी योजना बनाई है, जिसके जरिए किसान फोन पर ही कृषि संबंधी समस्याओं का समाधान और विशेषज्ञों की सलाह निःशुल्क प्राप्त कर सकेंगे। यह पहल क्षेत्र के किसानों को आधुनिक कृषि ज्ञान और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।