
Pardarshi Vikas News Kanpur
अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह से जुड़े ओटी टेक्नीशियन मुदस्सिर अली उर्फ डॉ. अली ने दिल्ली में किडनी ट्रांसप्लांट की ट्रेनिंग ली थी और कई ऑपरेशन में शामिल रह चुका था। यही वजह है कि बिना अधिकृत सर्जनों के भी गिरोह जटिल ऑपरेशन को अंजाम दे रहा था।
29 मार्च को केशवपुरम स्थित एक निजी अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट किया गया था। छापेमारी के दौरान डोनर और रिसीवर को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती पाया गया। मामले में कई अस्पताल संचालक, एजेंट और सहयोगियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी डॉक्टर अभी फरार हैं।
इसी बीच डॉ. अफजल के करीबी और ड्राइवर परवेज सैफी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उसके पास से 9.05 लाख रुपये बरामद हुए हैं। पूछताछ में सामने आया कि यह रकम अवैध ट्रांसप्लांट से मिली थी, जिसका इस्तेमाल जमानत कराने में किया जाना था।
पुलिस को एजेंट शिवम के मोबाइल से किडनी डोनर से जुड़े कई वीडियो और टेलीग्राम ग्रुप के सुराग मिले हैं। गिरोह की तलाश में पुलिस की टीमें मेरठ, गाजियाबाद और दिल्ली-एनसीआर में लगातार दबिश दे रही हैं।