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झूठे मुकदमों से नहीं डरेंगे, स्कूलों का विकास जारी रहेगा:विधायक

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एफआईआर पर भड़के अमिताभ बाजपेयी

पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। परमट स्थित प्राथमिक विद्यालय में बिना अनुमति ड्रेस वितरण और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का जन्मदिन मनाने के मामले में दर्ज एफआईआर पर आर्यनगर से सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बुधवार दोपहर जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने एफआईआर को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित कार्रवाई बताते हुए कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने के लिए उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं, लेकिन वह इससे पीछे हटने वाले नहीं हैं।अमिताभ बाजपेयी ने कहा कि उनके खिलाफ दर्ज किए गए आरोप तथ्यों से परे हैं। उन्होंने दावा किया कि ड्रेस वितरण कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रधानाध्यापक मौजूद थे और पूरा कार्यक्रम उनकी उपस्थिति में संपन्न हुआ। वहीं, जन्मदिन मनाने को लेकर उन्होंने कहा कि जिस तस्वीर को आधार बनाया जा रहा है, उसमें न तो कोई शिक्षक मौजूद है और न ही विद्यालय के बच्चे, ऐसे में इसे स्कूल परिसर में राजनीतिक कार्यक्रम बताना उचित नहीं है।सपा विधायक ने भाजपा और प्रशासन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जब भाजपा नेताओं पर सरकारी विद्यालय में मारपीट या राजनीतिक गतिविधियों के आरोप लगे, तब कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, उनके द्वारा बच्चों के हित में किए गए कार्यों को राजनीतिक रंग देकर एफआईआर दर्ज कर दी गई।उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य सरकारी विद्यालयों को आधुनिक और बेहतर बनाना है। अब तक उनके प्रयासों से विधानसभा क्षेत्र में पांच प्राथमिक विद्यालय, दो इंटर कॉलेज और एक लाइब्रेरी का कायाकल्प किया जा चुका है। वर्तमान में एक अन्य प्राथमिक विद्यालय को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का कार्य चल रहा है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा का वातावरण मिल सके।अमिताभ बाजपेयी ने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय के विकास कार्यों में जानबूझकर बाधाएं उत्पन्न की गईं। उन्होंने कहा कि वर्ष 1932 में निर्मित जर्जर भवन को गिराने तक में अड़चनें डाली गईं और मजदूरों को काम करने से रोका गया। इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों पर एनओसी जारी करने में भी लापरवाही का आरोप लगाया।ड्रेस वितरण को लेकर विधायक ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार के 'तिथि भोजन' शासनादेश के तहत विशेष अवसरों पर विद्यालयों में भोजन, ड्रेस और स्टेशनरी का वितरण किया जा सकता है और इसके लिए अलग से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने ड्रेस खरीद की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए पारदर्शिता की मांग की।अंत में अमिताभ बाजपेयी ने कहा कि झूठे मुकदमों और राजनीतिक दबाव से समाजवादी पार्टी डरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वह कानूनी लड़ाई भी लड़ेंगे, लेकिन सरकारी विद्यालयों के विकास और बच्चों के हित में कार्य करना जारी रखेंगे।