
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। मोतीझील स्थित नगर निगम मुख्यालय में आग लगने की घटना के एक दिन बाद शुक्रवार को महापौर प्रमिला पांडेय ने मौके का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी रीता सचान से आग से प्रभावित फाइलों और अभिलेखों की जानकारी ली तथा पूरे मामले की समीक्षा की।मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी ने महापौर को बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही लेखा विभाग के महत्वपूर्ण अभिलेख सुरक्षित कर लिए गए थे। आग मुख्य रूप से उस पुरानी अलमारी में लगी थी, जिसमें पहले जोन-4 कार्यालय के दाखिल-खारिज से संबंधित रिकॉर्ड रखे गए थे। अलमारी को पूरी तरह खोलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने दस्तावेज आग की चपेट में आए हैं।महापौर प्रमिला पांडेय ने बताया कि आग से मुख्य रूप से जोन-4 के दाखिल-खारिज संबंधी दस्तावेज प्रभावित हुए हैं, जबकि लेखा, मार्ग प्रकाश और संपत्ति विभाग की महत्वपूर्ण फाइलें सुरक्षित हैं। उन्होंने अधिकारियों को जले हुए रिकॉर्ड को दोबारा तैयार करने और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त दस्तावेजों को संरक्षित करने के निर्देश दिए।गौरतलब है कि गुरुवार शाम नगर निगम मुख्यालय की दूसरी मंजिल पर स्थित लेखा और मार्ग प्रकाश विभाग में आग लग गई थी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि घटना की विस्तृत जांच जारी है। वहीं, इस घटना को लेकर कुछ पार्षदों ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।