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जानिए व्रत का महत्व और छह विशेष उपाय

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पारदर्शी विकास न्यूज़ हमीरपुर। ज्येष्ठ पूर्णिमा का व्रत इस वर्ष 29 जून, सोमवार को रखा जाएगा। पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि 29 जून को सुबह 2:35 बजे प्रारंभ होकर 30 जून को सुबह 4:34 बजे तक रहेगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ पूर्णिमा का विशेष आध्यात्मिक और पर्यावरणीय महत्व माना गया है। यह पर्व जल संरक्षण, दान-पुण्य, स्नान, ध्यान और पूजा-अर्चना का संदेश देता है।ज्योतिषाचार्य पं. अविनाश मिश्र शास्त्री के अनुसार इस दिन भगवान शिव का अभिषेक करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। आर्थिक समृद्धि के लिए पीपल के वृक्ष की जड़ में जल, कच्चा दूध और बताशा अर्पित करना शुभ माना गया है। वहीं माता लक्ष्मी को 11 कौड़ियां अर्पित कर अगले दिन उन्हें लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखने से धन लाभ की मान्यता है।वैवाहिक सुख के लिए पूर्णिमा की रात चंद्रमा को दूध से अर्घ्य देने तथा ग्रह दोष शांति के लिए पीपल, बरगद और नीम की त्रिवेणी के नीचे विष्णु सहस्रनाम या शिवाष्टक का पाठ करने की भी सलाह दी गई है। मान्यता है कि इन उपायों से जीवन में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।