
पारदर्शी विकास ब्यूरो
संवाददाता नौसर अली अंसारी
खड्डा, कुशीनगर। ईद मिलादुन्नबी को लेकर मुस्लिम समाज में उत्साह का माहौल है। पैगंबर हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की विलादत की याद में मनाए जाने वाले इस पर्व को लेकर खड्डा क्षेत्र सहित पूरे कुशीनगर में तैयारियां तेज हो गई हैं। रबीउल अव्वल का चांद नजर आने के बाद इस पवित्र माह की शुरुआत हुई है। 26 अगस्त को ईद मिलादुन्नबी अकीदत और उल्लास के साथ मनाया जाएगा।पकहा लुकपुर स्थित नूरी मस्जिद एकता कमेटी की ओर से जुलूसे मोहम्मदी में शामिल होने वाले लोगों से विशेष अपील की गई है। कमेटी ने कहा कि जुलूस में शामिल लोग पैगंबर-ए-इस्लाम पर दरूद व सलाम पढ़ते हुए हाथों में इस्लामी परचम के साथ देश का तिरंगा भी लेकर चलें। जुलूस के दौरान ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ का नारा लगाते हुए देश की एकता और अखंडता का संदेश दिया जाए।कमेटी ने अपील की कि जुलूस के मार्ग में यदि मंदिर, गुरुद्वारा अथवा किसी अन्य धार्मिक स्थल से जुलूस गुजरे तो वहां पूरी शांति, संयम और भाईचारे का परिचय दिया जाए। लोगों से मोहब्बत और सौहार्द का संदेश देते हुए आगे बढ़ने की अपील की गई है।साथ ही देश-विदेश में चल रही किसी भी घटना को लेकर जुलूस के दौरान टीका-टिप्पणी या आपत्तिजनक नारेबाजी से पूरी तरह बचने की अपील की गई। कमेटी ने कहा कि जुलूसे मोहम्मदी का उद्देश्य पैगंबर हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शिक्षाओं को याद करना और समाज में शांति, प्रेम, भाईचारे तथा इंसानियत का संदेश देना है।मदरसा जहीरुल उलूम निस्वां गर्ल्स मदरसा के प्रबंधक अबुलैश अंसारी ने भी ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर देशवासियों को मुबारकबाद दी। उन्होंने लोगों से पर्व को आपसी प्रेम, सौहार्द और शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की।क्षेत्र में जुलूसे मोहम्मदी को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों में खासा उत्साह है। विभिन्न स्थानों पर सजावट और अन्य तैयारियां की जा रही हैं। लोगों का कहना है कि पर्व के माध्यम से समाज में अमन, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का संदेश पहुंचना चाहिए।