
PARDARSHI VIKASH NEWS फर्रुखाबाद। हत्या के पांच साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तरुण कुमार सिंह-प्रथम की अदालत ने आरोपी शीलू यादव को हत्या और एससी/एसटी एक्ट के आरोपों से बरी कर दिया। हालांकि, हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद होने के मामले में अदालत ने उसे आयुध अधिनियम के तहत पांच वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।मामला थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के रकाबगंज निवासी शारदा देवी की ओर से 27 सितंबर 2021 को दर्ज कराई गई रिपोर्ट से जुड़ा है। आरोप था कि उनका पुत्र शिवा उधारी के रुपये लेकर लौट रहा था, तभी चुंगी के पास उस पर फायरिंग की गई, जिससे उसकी मौत हो गई। इस मामले में अनिल यादव, शीलू यादव, प्रवीण उर्फ नन्हें यादव समेत कई लोगों को नामजद किया गया था।सुनवाई के दौरान अदालत ने गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर शीलू यादव के खिलाफ हत्या और एससी/एसटी एक्ट के आरोप साबित नहीं पाए, जिसके चलते उसे इन धाराओं से दोषमुक्त कर दिया गया।हालांकि, पुलिस रिमांड के दौरान शीलू यादव की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा और दो कारतूस बरामद किए गए थे। अदालत ने इस बरामदगी को प्रमाणित मानते हुए आयुध अधिनियम के तहत उसे दोषी ठहराया और पांच साल के कठोर कारावास के साथ 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।