
PARDARSHI VIKASH NEWS ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट अब युद्ध से पहले जैसी स्थिति में नहीं लौटेगा और इस रणनीतिक समुद्री मार्ग का प्रबंधन आगे ईरान अपने तरीके से करेगा। स्विट्जरलैंड में अमेरिका के साथ हुई तकनीकी वार्ता के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान को अमेरिका पर कभी भरोसा नहीं रहा और भविष्य में भी वह पूरी सतर्कता बरतेगा। गालिबाफ ने कहा कि वार्ता को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए, बल्कि यह राष्ट्रीय हितों की रक्षा की रणनीति का हिस्सा है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान अपने परमाणु ठिकानों की अंतरराष्ट्रीय जांच के लिए तैयार हो गया है, हालांकि तेहरान ने इस दावे को खारिज कर दिया। वार्ता के बाद अमेरिका ने ईरानी तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर लागू कुछ प्रतिबंधों में 60 दिन की अस्थायी राहत दी है। इसी बीच ईरान ने कहा है कि बातचीत के बावजूद उसकी सेना पूरी तरह सतर्क और तैयार है। होर्मुज स्ट्रेट से तेल टैंकरों की आवाजाही धीरे-धीरे बढ़ रही है, लेकिन अभी भी यह युद्ध-पूर्व स्तर से कम है। गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची आगे की चर्चाओं के लिए ओमान पहुंच चुके हैं, जहां क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री मार्गों की स्थिति पर विचार-विमर्श होगा।