
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। कानपुर प्राणि उद्यान (जू) में एक बार फिर भावनात्मक माहौल है। कुछ दिन पहले ही बुजुर्ग शेर ‘अजय’ की मौत के सदमे से स्टाफ उबर भी नहीं पाया था कि अब हिप्पो ‘सतीश’ की विदाई ने सभी की आंखें नम कर दी हैं।करीब आठ साल पहले कानपुर जू में जन्मा भारी-भरकम और आकर्षक हिप्पो ‘सतीश’ अब वन्यजीव अदला-बदली (एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम) के तहत इंदौर जू भेजा जा रहा है। इसके बदले इंदौर से शेरनी ‘रीवा’ कानपुर जू की नई मेहमान बनेगी।हिप्पो को लंबे सफर में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। अधिकारियों के अनुसार, हिप्पो को पानी में रहना बेहद जरूरी होता है, इसलिए ट्रांसपोर्ट के लिए विशेष पिंजरा और पानी से भरा कंटेनर तैयार किया गया है। सफर के दौरान हर 100 किलोमीटर पर वाहन रोका जाएगा, ताकि ‘सतीश’ को पानी में रखा जा सके और उसकी देखभाल की जा सके।जू प्रशासन का कहना है कि सतीश को विदा करना भावनात्मक रूप से कठिन है क्योंकि उसे बचपन से यहां बड़े होते देखा गया है। स्टाफ उसे परिवार के सदस्य की तरह मानता है, इसलिए सभी के लिए यह पल काफी भावुक है।अधिकारियों ने बताया कि पूरे सफर के दौरान डॉक्टरों और कीपर्स की टीम साथ रहेगी ताकि किसी भी तरह की परेशानी न हो।अब कानपुर जू को शेरनी ‘रीवा’ के आगमन का इंतजार है, जो शेर ‘अजय’ के बाद खाली हुए बाड़े को फिर से आबाद करेगी।