news-details

GST लागू होने के 8 साल पूरे

You can share this post!

 

पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। देश में वस्तु एवं सेवा कर (GST) को 1 जुलाई 2017 को लागू किया गया था। इसे भारत की अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में बड़ा सुधार माना गया। GST के जरिए केंद्र और राज्यों के कई अलग-अलग करों को मिलाकर एक समान टैक्स प्रणाली शुरू की गई।GST के लागू होने से पहले व्यापारियों और कंपनियों को अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग टैक्स नियमों का पालन करना पड़ता था। नई व्यवस्था का उद्देश्य टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाना, पारदर्शिता बढ़ाना और देशभर में एक समान बाजार तैयार करना था।कानपुर के सीए प्रशांत गुप्ता ने पारदर्शी विकास न्यूज़ से बातचीत में GST के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस व्यवस्था ने व्यापार करने के तरीके में बड़ा बदलाव किया है। उन्होंने कहा कि GST के बाद टैक्स जमा करने की प्रक्रिया ऑनलाइन और अधिक व्यवस्थित हुई है। इससे कारोबारियों को कई स्तरों पर राहत मिली है और टैक्स सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ी है।GST के तहत वैट, सर्विस टैक्स, एक्साइज ड्यूटी जैसे कई अप्रत्यक्ष करों को एक व्यवस्था में शामिल किया गया। इसमें केंद्र और राज्य सरकारों की संयुक्त भूमिका होती है।सीए प्रशांत गुप्ता के अनुसार शुरुआत में व्यापारियों को नई प्रणाली समझने में कुछ परेशानियां आईं, लेकिन समय के साथ GST व्यवस्था मजबूत हुई है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के कारण रिटर्न दाखिल करना और टैक्स भुगतान पहले की तुलना में आसान हुआ है।GST आज भारत की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। इसने देश की कर व्यवस्था को एक नई दिशा दी है और व्यापार को अधिक संगठित बनाने में भूमिका निभाई है।