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घुमंतू’ से ‘टिकंतू’ की ओर बढ़ा समाज

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जिन्हें दशकों तक नहीं मिला सम्मान, उन्हें मिला अधिकार:सीएम
पारदर्शी विकास न्यूज़  लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने विमुक्त और घुमंतू समाज के उत्थान के लिए ‘घुमंतू विकास बोर्ड’ के गठन को मंजूरी दी है। इस फैसले के बाद समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताया। कार्यक्रम में सपेरा समाज के लोगों ने पारंपरिक बीन बजाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लंबे समय से उपेक्षित रहे घुमंतू समुदायों को अब विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य इन परिवारों तक आवास, बिजली, राशन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना है।समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने बताया कि बोर्ड के माध्यम से सपेरा, मुसहर, वनटांगिया, थारू, बुक्सा, कोल और सहरिया समेत विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। इसके जरिए सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।उन्होंने कहा कि घुमंतू समाज के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए आश्रम पद्धति विद्यालयों और अटल आवासीय विद्यालयों से भी जोड़ा जा रहा है। कार्यक्रम में समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि लंबे इंतजार के बाद उन्हें पहचान और सम्मान मिला है।



लोग अब कहने लगे हैं कि यह समाज अब घुमंतू नहीं, 'टिकंतू' बन रहा है। अब इनके पास अपना पक्का मकान है, बिजली है और कमाई के साधन हैं। जल्द ही एक स्पेशल टास्क फोर्स बनाकर इनके शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए विस्तृत प्लान तैयार किया जाएगा।,असीम अरुण


क्या काम करेगा नया घुमंतू विकास बोर्ड?

हर समाज को मिलेगा मौका: बोर्ड में सपेरा, मुसहर, वनटांगिया, थारू, बुक्सा, कोल, सहरिया जैसी सभी जातियों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा, ताकि उनकी आवाज सीधे सरकार तक पहुंचे।
सरकारी योजनाओं की 100% कवरेज: राशन कार्ड, जमीन के पट्टे, पीएम-सीएम आवास, आयुष्मान कार्ड, मुफ्त बिजली-गैस कनेक्शन और सभी पेंशन योजनाओं का लाभ सीधे इन तक पहुंचाया जाएगा।
आश्रम और अटल आवासीय विद्यालय: बच्चों को मुफ्त रहने, खाने और पढ़ाई के लिए आश्रम पद्धति और अटल आवासीय विद्यालयों से जोड़ा जा रहा है।