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ग्रीष्मावकाश में जनगणना ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को नहीं मिला उपार्जित अवकाश, उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने बी एस ए के खिलाफ रिट याचिका दायर करने का निर्णय लिया

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अमेठी। शासनादेश के बाद भी जनगणना कर्मियों को उपार्जित अवकाश न देना बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय कुमार तिवारी के लिए भारी पड़ सकता है। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की जिला कार्यसमिति ने इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर करने का निर्णय लिया है। रविवार को लम्बे समय के बाद हुई संघ की जिले की बैठक में इसी मुद्दे पर सबसे अधिक चर्चा हुई और सभी पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से निर्णय लेकर जिलाध्यक्ष और प्रांतीय कार्यकारिणी के मंत्री अब्दुल रसीद को अविलंब याचिका दायर करने के लिए अधिकृत किया है। बैठक में लेखाधिकारी कार्यालय में हुए एरियर घोटाले को लेकर चल रही सी बी आई जांच,चयन वेतनमान, पदोन्नति वेतनमान, लेखा पर्चियां जारी करने,जी पी एफ से ऋण के भुगतान, मध्यान्ह भोजन योजना, कम्पोजिट ग्रांट,बेसिक शिक्षा अधिकारी और वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय की मौजूदा कार्यप्रणाली और स्कूल चलो अभियान की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई।
 जिला अध्यक्ष अब्दुल रसीद ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा के 30सितम्बर2024के आदेश की जानकारी दी और बताया कि शासनादेश के बावजूद बेसिक शिक्षा अधिकारी उपार्जित अवकाश स्वीकृत नहीं कर रहे हैं। छुट्टियों में शिक्षकों से बराबर काम लिया जा रहा है ‌।एस आई आर के दौरान शिक्षकों को रविवार को भी स्कूल खोलकर काम करना पड़ा। जनगणना का काम ग्रीष्मावकाश में हुआ है।उस समय भीषण गर्मी में भी शिक्षक शिक्षिकाओं को घर घर जाकर काम पूरा करना पड़ा। शासनादेश के बावजूद बेसिक शिक्षा अधिकारी हठधर्मिता और मनमानी पर अडे हुए हैं। 13मई और 29मई को बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिलाधिकारी और शासन के उच्चाधिकारियों को पत्र दिया गया, परंतु बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अब तक कोई विचार नहीं किया है।आई जी आर एस पोर्टल पर हुई शिकायत में बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सही जबाब नहीं दिया है, इसलिए शिक्षक हितों और अधिकारों  की चर्चा के लिए संगठन ने माननीय न्यायालय की शरण में जाने का निर्णय लिया है।
बैठक के दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयराम कनौजिया, संजीव भारती, मीरा गुप्ता,अशोक कुमार वर्मा, कोषाध्यक्ष देवी शरण कनौजिया, संयुक्त मंत्री कपिलेश यादव, गुरुचरण गौतम सहित कई पदाधिकारियों ने चयन वेतनमान और पदोन्नति वेतनमान सूची और लेखा पर्चियां जारी करने की मांग की। माध्यमिक शिक्षा विभाग की तरह बेसिक शिक्षा विभाग में भी सीनियर शिक्षकों को शत् प्रतिशत संख्या में पदोन्नति वेतनमान देने की मांग की गई है।
 जय प्रकाश सरोज ने बताया कि लेखाधिकारी कार्यालय से जारी किए50फीसदी से अधिक प्रारुप -16फार्म गलत हैं।गलत तरीके से अग्रिम कटौती की गई है।
 बैठक का संचालन जिला महामंत्री रमाकांत मौर्य ने किया। बैठक को मीरा गुप्ता, शैलेन्द्र प्रताप सिंह,हरिभान सिंह, कपिलेश यादव ,वसीम अहमद, सत्यदेव यादव,अजय कुमार मौर्य, सुरेश कुमार पाल, आदित्य नारायण, रविकांत श्रीवास्तव, संजय कुमार मौर्य आदि ने संबोधित किया। श्री राम सोनी,रमेश कुमार चौहान,मो असगर,राम सुंदर, आशीष कुमार, बृजराज शुक्ल, फूलचंद्र बौद्ध, वृन्दा प्रसाद, प्रवीण कुमार दुबे, सुरेश कुमार मिश्र,पवन कुमार वर्मा, अवधेश प्रताप सिंह, राजेश कुमार पाल आदि मौजूद रहे।

 बैठक में चर्चा के प्रमुख बिंदु 

1-शासनादेश के अनुसार छुट्टियों में शिक्षकों से काम लेने पर उन्हें उपार्जित अवकाश दिया जाय।
2-कैशलेस चिकित्सा योजना में अनुचरों को भी शामिल किया जाय। अन्तर्जनपदीय स्थानांतरण का लाभ अनुचरों को भी दिया जाय
 3-शासनादेश में संशोधन करके बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत सीनियर शिक्षकों/शिक्षिकाओं/चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी/अनुचरों को शत प्रतिशत संख्या में पदोन्नति वेतनमान का लाभ दिया जाय।
 4-मध्यान्ह भोजन योजना के अन्तर्गत कन्वर्जन कास्ट का मासिक भुगतान किया जाए, खाद्यान्न के मासिक आवंटन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाय 
5-, वर्तमान में तैनात वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा के कार्यकाल में हुए एरियर के सभी भुगतानों की जांच कराई जाए 
6-शिक्षको के जी पी एफ की लेखा पर्चियां अविलम्ब जारी की जांए
7-इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख के एक सप्ताह पहले फार्म-16की सभी गड़बड़ियां दूर की जांए।

 

जब भी जिले के अधिकारियों ने जोर जबरदस्ती से नियम विरुद्ध काम किया है और शिक्षकों के अधिकारों का  हनन करने की कोशिश की है,हम माननीय न्यायालय की शरण में गए हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी जनगणना ड्यूटी करने वाले और छुट्टियों में अतिरिक्त कार्य करने वाले शिक्षक/शिक्षिकाओं को उपार्जित अवकाश नहीं दे रहे हैं। संगठन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का निर्णय लिया है। इसके पूर्व जबरन राशन कार्ड सत्यापन में ड्यूटी लगाने के मामले को लेकर हम अदालत गये थे। माननीय हाईकोर्ट ने हमारे पक्ष में फैसला दिया था।-अब्दुल रसीद ,प्रांतीय मंत्री