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गोलू हत्याकांड के विरोध में हिंसा: पुलिस का बड़ा एक्शन

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पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। महाराजपुर क्षेत्र में मांस की दुकान को लेकर हुए विवाद और गोलू हत्याकांड के बाद भड़की हिंसा के मामले में पुलिस ने तीन नामजद समेत 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मंगलवार रात करीब 11 बजे दर्ज एफआईआर के बाद गांव में तनाव को देखते हुए एक प्लाटून पीएसी और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर रही है, जबकि फरार नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस कमिश्नर ने मंगलवार शाम क्राइम समीक्षा बैठक में गोलू हत्याकांड की जांच में लापरवाही पाए जाने पर महाराजपुर थाना प्रभारी राजेश कुमार सिंह को निलंबित कर दिया।बुधवार को नए थाना प्रभारी निरीक्षक जनार्दन सिंह ने कार्यभार संभालने के बाद घटनास्थल का निरीक्षण किया और मृतक के परिजनों से मुलाकात कर निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया। गांव के संवेदनशील इलाकों, मृतक के घर और मस्जिद के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस लगातार पैदल गश्त कर हालात पर नजर बनाए हुए है।मो. जान की तहरीर पर मारपीट, हिंसा और दंगा भड़काने के प्रयास के आरोप में तीन नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।डीसीएम चालक गोलू 15 जून को लापता हो गया था। 17 जून को उसका शव रूमा हाईवे पर मिला था। पुलिस ने गांव के ही इशाक समेत तीन लोगों के खिलाफ पांच हजार रुपये के लेनदेन के विवाद में हत्या का मुकदमा दर्ज किया था, लेकिन अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।19 जून को परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार करते हुए करीब आठ घंटे तक प्रदर्शन किया था। अधिकारियों के तीन दिन में कार्रवाई के आश्वासन के बाद अंतिम संस्कार हुआ। इसके बाद 21 और 27 जून को भी परिजनों ने थाने के बाहर प्रदर्शन कर आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके मकानों पर बुलडोजर चलाने की मांग की थी।डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने कहा कि गांव की शांति व्यवस्था भंग करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर भीड़ की पहचान की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उपद्रव में शामिल अधिकांश लोग बाहरी थे। पुलिस की तीन टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।