
पारदर्शी विकास न्यूज़ अमेठी। अवधी भाषा के विकास के लिए चार दशकों से प्रयासरत राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित डॉ. राम बहादुर मिश्र ने कहा कि अवधी का भविष्य उज्ज्वल है। उन्होंने बताया कि विधानसभा में अवधी को मान्यता मिली है और भारतीय भाषा संस्थान से भी इसका टाई-अप हुआ है। लखनऊ समेत तीन विश्वविद्यालयों में अवधी के पाठ्यक्रम शुरू हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि मॉरीशस में अवध के पंडितों की मांग है। मलिक मोहम्मद जायसी और संत तुलसीदास अवधी के प्रमुख रचनाकार हैं। कार्यक्रम का संचालन पूरी तरह अवधी भाषा में हुआ। इस दौरान डॉ. अर्जुन पांडेय, अभिमन्यु पांडेय, सुभाष चंद्र पांडेय, वैभव पांडेय और अनुपम पांडेय मौजूद रहे।