
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। जाजमऊ क्षेत्र के पास गंगा नदी में बड़ी संख्या में मछलियां मृत अवस्था में मिलने से हड़कंप मच गया। गंगा की सतह पर दूर-दूर तक तैरती मरी हुई मछलियों को देखकर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। कई लोग जाल और थैले लेकर पहुंचे तथा मछलियों को इकट्ठा कर अपने साथ ले गए। क्षेत्रीय लोगों ने आशंका जताई कि गंगा में केमिकल युक्त दूषित पानी छोड़े जाने के कारण मछलियों की मौत हुई है। यह मामला जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर जाजमऊ के डबला बोर्ड क्षेत्र का है। शनिवार सुबह स्थानीय लोगों ने गंगा किनारे बड़ी संख्या में मरी हुई मछलियां देखीं। कुछ मछलियां पानी में तैर रही थीं, जबकि बड़ी संख्या में नदी किनारे मृत पड़ी थीं। सूचना मिलते ही आसपास के क्षेत्रों से लोगों की भीड़ जुट गई और कई लोग जाल के सहारे मछलियां पकड़ने लगे। स्थानीय निवासी शंकर सिंह, पूजा कुमारी, रवि चौरसिया और अंकित ने आरोप लगाया कि जाजमऊ क्षेत्र की टेनरियों और ट्रीटमेंट प्लांटों से निकलने वाला केमिकल युक्त पानी नालों के माध्यम से गंगा में पहुंच रहा है, जिससे नदी का जल लगातार प्रदूषित हो रहा है। उनका कहना है कि इस संबंध में कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।घटना की जानकारी पर जूना अखाड़ा के महंत दिगंबर आनंदपुरी महाराज ने डायल 112 और जाजमऊ थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई। क्षेत्रीय लोगों ने जल के नमूनों की जांच, दोषियों की पहचान और सख्त कार्रवाई की मांग की है।मौके पर पहुंचे महंत दिगंबर आनंदपुरी महाराज ने आरोप लगाया कि टेनरियों और ट्रीटमेंट प्लांटों से छोड़े जा रहे दूषित पानी के कारण गंगा में मछलियां मर रही हैं। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।वहीं स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि नदी में बड़ी संख्या में मरी हुई मछलियां दिखाई दीं और कई लोग उन्हें पकड़कर बाजार में बेचने के लिए ले गए। ग्रामीणों ने भी गंगा में दूषित पानी छोड़े जाने की आशंका जताते हुए प्रशासन से तत्काल जांच की मांग की है।दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अजीत कुमार सुमन ने गंगा में मछलियों के मरने की घटना से इनकार किया है। उनका कहना है कि विभागीय टीम ने मौके का निरीक्षण किया, लेकिन ऐसी कोई स्थिति नहीं मिली। उन्होंने इस खबर को भ्रामक बताया।जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि उन्हें अभी तक मामले की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी से स्पष्टीकरण लिया जाएगा और यदि जांच में मछलियों के मरने की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध अभी तक में मुझे कोई जानकारी नहीं है। क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी से इस संबंध में स्पष्टीकरण लिया जाएगा। अगर गंगा में मछलियां मरी हैं तो जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई होगी।-डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह