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गंडक नदी में मिला शव, लापता पिता की तलाश में ठोकरों तक पहुंचा बेटा

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पारदर्शी विकास ब्यूरो

खड्डा, कुशीनगर। नेपाल में आई भीषण बाढ़ का असर अब भारतीय सीमा तक दिखाई देने लगा है। नारायणी यानी गंडक नदी की तेज धारा के साथ शवों के बहकर कुशीनगर पहुंचने से नदी किनारे बसे गांवों में दहशत का माहौल है। शनिवार को खड्डा तहसील क्षेत्र के मदनपुर सुकरौली स्थित ठोकर नंबर-2 के पास नदी में एक शव मिलने से हड़कंप मच गया।शव मिलने की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक टीम तत्काल मौके पर पहुंची और शव को नदी से बाहर निकलवाया। इसके बाद नदी और आसपास के इलाकों में सर्च अभियान तेज कर दिया गया। प्रशासनिक टीमें नदी किनारे और ठोकरों के आसपास लगातार निगरानी कर रही हैं, ताकि बाढ़ की धारा में बहकर आए अन्य लोगों के संबंध में भी कोई सुराग मिल सके।इसी बीच नेपाल के रसुवा जिले में कबाड़ की दुकान चलाने वाले मोतिहारी निवासी नंदलाल साहनी बाढ़ के बाद से लापता हैं। उनके बेटे धर्म कुमार के मुताबिक, बाढ़ आने के बाद वह अपने तीन भाइयों के साथ किसी तरह जान बचाकर वहां से निकलने में सफल रहे, लेकिन उनके पिता का कोई पता नहीं चल सका।पिता की तलाश में धर्म कुमार अब कुशीनगर के मदनपुर-सुकरौली और भैंसहां क्षेत्र में गंडक नदी के ठोकरों तक पहुंच गया है। नदी की हर लहर और किनारे दिखाई देने वाले हर निशान में वह अपने पिता की तस्वीर तलाश रहा है। आंखों में उम्मीद लिए वह लगातार नदी किनारे भटक रहा है और स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटा रहा है।गंडक नदी के किनारे कभी मछुआरे मछली और लकड़ी की तलाश करते थे, लेकिन नेपाल की भीषण बाढ़ के बाद यही नदी अब लोगों को अपने लापता परिजनों के निशान तलाशने के लिए मजबूर कर रही है। नदी में शव मिलने की घटना ने स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।पुलिस, प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें नदी में सर्च अभियान चला रही हैं। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि लापता नंदलाल साहनी के संबंध में कोई सुराग मिल पाता है या नहीं।