
उन्नाव। सोशल मीडिया पर कथित फर्जी तस्वीर वायरल होने के मामले को लेकर बुधवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर दही कोतवाली पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। बजरंग दल कार्यकर्ता नितिन ने बताया कि मामला दही थाना क्षेत्र से जुड़ा है। उनके अनुसार, भीम आर्मी से जुड़े हर्ष जाटव नामक युवक ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से एक कथित फर्जी तस्वीर तैयार की, जिसमें डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को एक कार्यकर्ता के चरणों में दर्शाया गया। आरोप है कि इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर प्रसारित कर माहौल खराब करने का प्रयास किया गया।

नितिन ने बताया कि इस मामले को लेकर पहले दही थाने में धरना-प्रदर्शन किया गया था। इसके बाद पुलिस ने वार्ता के लिए कार्यकर्ताओं को थाने बुलाया। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि थाने पहुंचने पर थाना प्रभारी ने बजरंग दल के लोगों के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की और उन्हें थाने में प्रवेश न देने की बात कही।बजरंग दल कार्यकर्ताओं का कहना है कि बातचीत के दौरान थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र सिंह ने उन पर ही आरोपी को भगाने का आरोप लगाया, जबकि आरोपी कथित तौर पर थाने परिसर में मौजूद था। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने कई मुकदमे दर्ज करने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी।
कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठाने के कारण पुलिस उनसे नाराज है। साथ ही दही थाना क्षेत्र में पुलिस संरक्षण में अवैध वसूली होने का भी आरोप लगाया गया।एसपी कार्यालय पहुंचे कार्यकर्ताओं ने थाना प्रभारी के निलंबन और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।वहीं, दही थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र सिंह ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि प्रतिमा से जुड़े विवादित मामले में दो युवकों को हिरासत में लिया गया था और कुछ कार्यकर्ता उन्हें छुड़ाने के लिए थाने पहुंचे थे।