news-details

डॉ. आदित्यनाथ झा की 115वीं जयंती मनाई गई

You can share this post!


पारदर्शी विकास न्यूज़  वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति पद्मविभूषण डॉ. आदित्यनाथ झा की 115वीं जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन मैथिल समाज, उत्तर प्रदेश और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। अध्यक्षता वैज्ञानिक एवं कुलानुशासक प्रो. जितेंद्र कुमार ने की।मुख्य वक्ता तुलनात्मक धर्म दर्शन विभागाध्यक्ष एवं पूर्व कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल ने डॉ. झा को प्रतिभा, प्रशासनिक कुशलता और भारतीय ज्ञान-परंपरा का अप्रतिम शिल्पी बताया। उन्होंने कहा कि 18 अगस्त 1911 को जन्मे डॉ. झा संस्कृत विद्वान सर गंगानाथ झा के सुपुत्र थे। उन्होंने प्राचार्य, आईसीएस अधिकारी, मुख्य सचिव, दिल्ली के प्रथम उपराज्यपाल तथा भारतीय प्रशासनिक अकादमी, देहरादून के प्रथम निदेशक जैसे महत्वपूर्ण दायित्व संभाले।प्रो. शुक्ल ने कहा कि विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति के रूप में डॉ. झा ने संस्कृत शिक्षा को आधुनिक ज्ञान-विज्ञान से जोड़ने का प्रयास किया और संस्था को व्यापक दृष्टि प्रदान की। विशिष्ट अतिथि प्रो. हरिप्रसाद अधिकारी और सारस्वत अतिथि प्रो. सुधाकर मिश्र ने भी उनके योगदान को स्मरण करते हुए नई पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।छात्रकल्याण संकायाध्यक्ष प्रो. शैलेश कुमार मिश्र ने कहा कि विश्वविद्यालय के निर्माण और विकास में डॉ. झा का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जो आज भी प्रेरणास्रोत है।