news-details

चलती बस कांड के बाद कानपुर में अलर्ट

You can share this post!

अब बिना सत्यापन नहीं चलेगा वाहन
 

पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के बीच चलती बस में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद कानपुर पुलिस ने सवारी वाहनों के ड्राइवर और क्लीनर के आपराधिक सत्यापन का अभियान शुरू किया है। मंगलवार को एडिशनल पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था डॉ. विपिन ताडा, डीसीपी यातायात रवींद्र कुमार और एआरटीओ ने सिटी बस, टूरिस्ट बस, ऑटो, ई-रिक्शा समेत अन्य सवारी वाहनों के मालिकों के साथ बैठक की।बैठक में करीब 100 वाहन स्वामी, ड्राइवर और क्लीनर शामिल हुए। अधिकारियों ने सभी सार्वजनिक वाहनों से जुड़े ड्राइवर और परिचालकों का संबंधित थानों से पांच दिन के भीतर आपराधिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। सत्यापन के बाद पुलिस द्वारा जारी प्रमाणपत्र वाहन में चस्पा करना अनिवार्य होगा।एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने बताया कि महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत स्कूली वैन, ऑटो, ई-रिक्शा, ऑल इंडिया और ऑल यूपी परमिट वाले वाहन, स्टेज कैरियर तथा ओला-उबर टैक्सी चालकों का भी सत्यापन कराया जाएगा।पुलिस द्वारा जारी सत्यापन फॉर्म में वाहन का प्रकार, चालक-परिचालक का व्यक्तिगत विवरण, ड्राइविंग लाइसेंस, संबंधित थाना, दर्ज मुकदमों की जानकारी, स्वघोषणा पत्र और फोटो शामिल करना होगा।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक वाहन में तैनात प्रत्येक ड्राइवर और क्लीनर का सत्यापन जरूरी है। पुलिस का उद्देश्य आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोगों की पहचान कर सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।