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चकमार्ग विवाद में नया मोड़, महिलाओं ने बदले बयान

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PARDARSHI VIKASH NEWS प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र के बकचूंदा गांव में चकमार्ग विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। मामले में कुछ महिलाओं ने कहा है कि उन पर दबाव बनाकर राजबल्लभ तिवारी के खिलाफ मारपीट के आरोप लगवाए गए थे और अब वे उन आरोपों को गलत बता रही हैं।विवाद की शुरुआत विपुल तिवारी की शिकायत से हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान और उनके पिता चकमार्ग पर जबरन मिट्टी डालकर कब्जा कर रहे थे। विरोध करने पर उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायत के अनुसार, गाटा संख्या 705 पर रात में ट्रैक्टर-ट्रॉली से मिट्टी डालकर रास्ता बनाया गया, जबकि वास्तविक चकमार्ग गाटा संख्या 708 बताया गया है।पीड़ित पक्ष का आरोप है कि विरोध करने पर ग्राम प्रधान रमेश कुमार यादव ने अभद्रता, हाथापाई और धक्का-मुक्की की। साथ ही जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित करने का भी आरोप लगाया गया है।वहीं ग्राम प्रधान रमेश कुमार यादव ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यह पूरा मामला राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है। उनका कहना है कि जिन किसानों की जमीन मौके पर है, उन्हें कोई आपत्ति नहीं है और विवाद को बेवजह तूल दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उन्होंने भी पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।मेजा थाना प्रभारी दीनदयाल सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।