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बहु उद्देश्यीय कर्मी बने सफाई कर्मी, आखिर सेवा नियमावली कब बनायेगी सरकार

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बिना पदोन्नति के एक दर्जन से अधिक सफाई कर्मी रिटायर हो गए
उत्तर प्रदेशीय पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के नेता वार्ता के नाम पर फीलगुड कर रहे

 

उत्तर प्रदेश के एक लाख आठ हजार सफाई कर्मी शासन‌ की उपेक्षा के शिकार हैं। 2009मे बसपा सरकार में नवीन पद सृजित करके इन सफाई कर्मियों की नियुक्ति की गई थी, लगभग 16.5साल का समय बीत चुका है, अभी तक राज्य सरकार ने सफाई कर्मियों की सेवा नियमावली नहीं बनाई। सेवा नियमावली के निर्माण और ड्यूटी के मामले में सफाई कर्मियों की दोनों यूनियनें नकारा साबित हो रही हैं। सरकार ने आउट सोर्स कर्मियों की सेवा नियमावली बना दी है, परंतु सफाई कर्मी अभी भी उपेक्षित हैं।सफाई कर्मियों की ओर से पद‌ का नाम बदलकर पंचायत सेवक करने की मांग की गई थी,इस पर भी सरकार ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है। कई सफाई कर्मियों ने बताया कि जब भी हमारी यूनियन की ओर से लखनऊ में कोई बड़ी रैली की जाती है तो सरकार मांगों पर विचार करने के लिए कमेटी बना देती है। कमेटी की जो रिपोर्ट आती है,उसे लागू करने के बजाय सरकार कोई न कोई पेंच फंसा देती है सूत्रों का कहना है कि सफाई कर्मियों के दो यूनियन प्रदेश में चल रहे हैं, एक यूनियन को सरकार ने मान्यता नहीं प्रदान की । उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ को सरकार की मान्यता प्राप्त है।इस संगठन के तमाम जिला अध्यक्ष और ब्लाक अध्यक्ष ए डी ओ पंचायत की चापलूसी और अधिकारियों की दलाली में लगे हुए हैं, इससे संगठन का प्रभाव लगातार कम होता जा रहा है सफाई कर्मी इस समय बहुउद्देशीय कर्मी के रूप में काम कर रहे हैं, इनकी ड्यूटी के लिए कोई नियमावली नहीं है,बीडीओ और डी पी आर ओ जैसे भी चाहते हैं, इनसे ड्यूटी ले रहे हैं। पिछले पांच सालों के भीतर सैकड़ों सफाई कर्मी सांडों‌ को पकड़ने और रात में उन्हें गो आश्रय स्थलों तक पहुंचाने में गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। बड़ी संख्या में लोग मौत के भी शिकार हुए हैं।

 

 

29मई को हुई थी मुख्य सचिव के साथ बैठक , अभी तक शासनादेश नहीं आया 
उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष बसंत लाल ने बताया कि संगठन और सरकार के बीच वार्ताओं का दौर जारी है। 29मई को मुख्य सचिव के साथ बैठक हुई थी। सफाई कर्मियों की पदोन्नति के लिए प्रत्येक ब्लॉक में दो पद सृजित करने और विभागीय सेवा नियमावली जारी करने पर सहमति बनी है, अभी तक शासनादेश नहीं जारी हुआ है,8सितम्बर को वार्ता प्रस्तावित है।

 

 

बहन मायावती ही कर सकती हैं सफाई कर्मियों का भला 
 बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विश्व नाथ पाल ने कहा कि बहन जी ने नया पद सृजित करके एक लाख से अधिक परिवारों के कम पढ़े लिखे और पढ़ें लिखे सर्वसमाज के युवाओं की जिंदगी संवारने का काम किया।2009में नियुक्तियां हुईं थीं। सपा और भाजपा की सरकार में इनका शोषण होता रहा है। पदोन्नति बिना ही सैकड़ों लोग रिटायर हो जाएंगे। कोई सेवा नियमावली नहीं है।जब उत्तर प्रदेश में बहन मायावती जी पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनेंगी तभी इनका भला सम्भव है।

 

पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन का धरना प्रदर्शन सात सितंबर को पंचायत सहायकों पर काम का बोझ अधिक है, मानदेय काफी कम है। पंचायत सहायक काम और जिम्मेदारी के अनुसार मानदेय बढ़ाने और न्यूनतम मजदूरी दर के आधार पर मानदेय भुगतान की मांग कर रहे हैं।7सितम्बर को लखनऊ में धरना प्रदर्शन है।