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भारतीय संस्कृति और संस्कार में है सहकार की भावना : डॉ. अरुण सिंह

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  सहकारिता से समाज को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बढ़ना होगा :  अरविंद दुबे

पारदर्शी विकास न्यूज़ अयोध्या। साकेत निलयम, अयोध्या में आयोजित सहकार भारती अयोध्या विभाग के दो दिवसीय अभ्यास वर्ग का दूसरे दिन समापन सत्र हुआ। समापन बैठक को संबोधित करते हुए सहकार भारती के प्रदेश मंत्री अरविंद दुबे ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से किसानों को संगठित कर उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। सहकारिता को मजबूत बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दी जा सकती है।अरविंद दुबे ने कहा कि सहकार भारती के विभिन्न प्रकोष्ठों के माध्यम से किसानों को सहकारिता से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर भी संगठन विशेष ध्यान दे रहा है। सहकारिता के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को एकजुट कर विकास की मुख्यधारा से जोड़ना समय की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि अभ्यास वर्ग केवल संगठनात्मक प्रशिक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं में सहकारिता की समझ विकसित करने और उन्हें जमीनी स्तर पर प्रभावी भूमिका निभाने के लिए तैयार करने का अवसर है। प्रशिक्षित और सक्रिय कार्यकर्ताओं के माध्यम से सहकारिता के विचार को गांव-गांव तक पहुंचाया जा सकता है।समापन अवसर पर श्रीनिधि क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड के सभापति राजेश शर्मा ने भी अपने विचार रखे। विभाग प्रमुख पंकज शर्मा ने सभी प्रतिभागियों और पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया।अभ्यास वर्ग में अमेठी जिला अध्यक्ष राजू कश्यप, जिला अध्यक्ष प्रदुम्न बाजपेई, राममूर्ति वर्मा, गुरुप्रसाद वर्मा, अरुण सिंह, अंबेडकर नगर जिला अध्यक्ष इंद्रदेव वर्मा, दीपक श्रीवास्तव, अयोध्या महिला प्रमुख दीपा गुप्ता, सुनील पांडेय और राम प्रकाश सहित विभिन्न जिलों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। अभ्यास वर्ग में किसानों, महिलाओं और समाज के अन्य वर्गों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।

 

सहकारिता केवल आर्थिक गतिविधि का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को एकजुट कर आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी साधन है। सहकारिता की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के साथ अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ना आवश्यक है। अभ्यास वर्ग के माध्यम से कार्यकर्ताओं को सहकारिता के सिद्धांत, उद्देश्य और कार्यप्रणाली की जानकारी मिलेगी। संस्कारित और प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही सहकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन और आर्थिक समृद्धि का मजबूत आधार तैयार कर सकते हैं : अरविंद दुबे, प्रदेश महामंत्री, सहकार भारती