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21 जिलों में गूंजेगा युवती शक्ति का स्वर, 2 से 10 अक्टूबर तक होंगे ‘मणिकर्णिका’ सम्मेलन

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पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर कानपुर प्रांत में 2 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक ‘मणिकर्णिका’ युवती सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। कानपुर प्रांत के 21 संगठनात्मक जिलों में होने वाले इन सम्मेलनों में प्रत्येक स्थान पर करीब एक हजार चिन्हित युवतियों की सहभागिता सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। सम्मेलन में 18 से 35 वर्ष की युवतियां प्रतिभाग करेंगी। इन आयोजनों के माध्यम से युवतियों को विचार, संवाद, नेतृत्व, आत्मविश्वास और स्वावलंबन का मंच उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अनुसार संगठन स्थापना काल से ही छात्रहित, राष्ट्रहित और समाजहित में कार्य करता आ रहा है। परिषद का उद्देश्य छात्रों के व्यक्तित्व विकास और कार्यकुशलता को बढ़ाकर राष्ट्र के पुनर्निर्माण में उनकी भूमिका को मजबूत करना है। इसी क्रम में युवतियों की बढ़ती सामाजिक भूमिका और नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहित करने के लिए देशभर में युवती सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है।कानपुर प्रांत में इन सम्मेलनों को ‘मणिकर्णिका’ नाम दिया गया है। परिषद का कहना है कि इसका उद्देश्य केवल युवतियों को एक कार्यक्रम में एकत्रित करना नहीं, बल्कि उन्हें अपने विचार व्यक्त करने, संवाद करने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर देना है। शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, प्रशासन, उद्यमिता, खेल, कला और सामाजिक क्षेत्र में युवतियों की बढ़ती भागीदारी को देखते हुए सम्मेलन में उनके सामने मौजूद अवसरों और चुनौतियों पर भी चर्चा की जाएगी।

उद्घाटन सत्र में होगा ‘मिशन साहसी’ का प्रदर्शन

प्रत्येक युवती सम्मेलन का आयोजन विभिन्न सत्रों में किया जाएगा। उद्घाटन सत्र में ‘मिशन साहसी’ का विशेष प्रदर्शन होगा। इसके माध्यम से युवतियों को आत्मरक्षा के साथ-साथ विषम परिस्थितियों में मानसिक दृढ़ता, आत्मविश्वास और निर्भीकता के महत्व से परिचित कराया जाएगा। परिषद का उद्देश्य आत्मरक्षा को केवल शारीरिक प्रशिक्षण तक सीमित न रखते हुए मजबूत एवं आत्मविश्वासी व्यक्तित्व निर्माण से जोड़ना है।

पंच परिवर्तन और महिला सशक्तिकरण पर होगा विमर्श

सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में पंच परिवर्तन, महिला सशक्तिकरण, समसामयिक विषयों और स्वावलंबन जैसे मुद्दों पर विशेष चर्चा होगी। युवतियों को सामाजिक परिवर्तन में अपनी भूमिका, परिवार और समाज के प्रति जिम्मेदारी, आत्मनिर्भरता, नेतृत्व क्षमता तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता जैसे विषयों पर अपने विचार रखने का अवसर मिलेगा।अभाविप का कहना है कि किसी भी समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब महिलाओं और युवतियों को समान अवसरों के साथ शिक्षित, सशक्त, आत्मनिर्भर और नेतृत्वक्षम बनाया जाए। ‘मणिकर्णिका’ सम्मेलन के जरिए युवतियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने और समाज को दिशा देने वाली नेतृत्वकारी शक्ति के रूप में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

देशव्यापी अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी

‘मणिकर्णिका’ सम्मेलन केवल कानपुर प्रांत तक सीमित आयोजन नहीं है, बल्कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रव्यापी युवती सम्मेलन अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। देश के विभिन्न प्रांतों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग स्थानों और तिथियों पर युवती सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। कानपुर प्रांत में 21 संगठनात्मक जिलों के साथ 14 प्रशासनिक जिलों के क्षेत्र में इन आयोजनों को व्यापक रूप देने की तैयारी है।

पदाधिकारियों ने बताया सम्मेलन का उद्देश्य

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कानपुर प्रांत की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं प्रांत छात्रा प्रमुख शिवा राजे बुंदेला ने कहा कि भारत की युवा शक्ति में युवतियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज की युवती केवल अपने भविष्य का निर्माण करने वाली नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र के भविष्य को दिशा देने वाली शक्ति है। ‘मणिकर्णिका’ युवती सम्मेलन के माध्यम से युवतियों को विचार, संवाद, आत्मविश्वास और नेतृत्व का व्यापक मंच उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। मिशन साहसी से लेकर पंच परिवर्तन, महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन तक विभिन्न सत्र युवतियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।कानपुर प्रांत की प्रांत सहमंत्री आयुषी त्रिपाठी ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का यह राष्ट्रव्यापी आह्वान देश की युवती शक्ति को राष्ट्र निर्माण के व्यापक संकल्प से जोड़ने का प्रयास है। कानपुर प्रांत के 21 संगठनात्मक जिलों में आयोजित होने वाले सम्मेलन इस संकल्प को धरातल पर व्यापक स्वरूप प्रदान करेंगे।वहीं कानपुर विभाग की विभाग छात्रा प्रमुख खुशी भारती ने 18 से 35 वर्ष की युवतियों से राष्ट्रव्यापी अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की। उन्होंने कहा कि ‘मणिकर्णिका’ युवती सम्मेलन युवतियों को संवाद, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण की यात्रा से जोड़ने का अवसर प्रदान करेगा।