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भाजपा में नई नियुक्तियों पर घमासान

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अनुशासन तोड़ा तो कार्रवाई तय:क्षेत्रीय अध्यक्ष

पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर।
कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में भाजपा की नई नियुक्तियों को लेकर सामने आ रही नाराजगी के बीच क्षेत्रीय अध्यक्ष राम किशोर साहू ने असंतुष्ट नेताओं को सख्त संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा में हर कार्यकर्ता को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन पार्टी में रहकर पार्टी के खिलाफ बोलना या संगठन की मर्यादा भंग करना स्वीकार नहीं किया जाएगा।शनिवार को कानपुर स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित परिचयात्मक बैठक में राम किशोर साहू ने कहा कि अनुशासन तोड़ने वाले नेताओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी में किसी नेता का पद या प्रभाव कितना भी बड़ा क्यों न हो, संगठन से ऊपर कोई नहीं है।क्षेत्रीय अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी हमारी मां है और विचार हमारा पिता है। जो व्यक्ति संगठन के प्रवाह में बाधा खड़ी करेगा, उसे पार्टी से बाहर का रास्ता देखना पड़ सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि नाराजगी रखने वाले पुराने नेताओं की बात सुनी जाएगी और उनसे संवाद कायम किया जाएगा। साहू ने बताया कि वह वरिष्ठ नेताओं के घर जाकर व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करेंगे। नीरज, प्रेमलता कटियार, प्रकाश शर्मा, शैलेंद्र त्रिपाठी सहित अन्य नाराज नेताओं से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया जाएगा। वरिष्ठ नेता रामदेव शुक्ला के बयान पर उन्होंने कहा कि अभी उन्होंने बयान नहीं पढ़ा है, लेकिन वह रामदेव शुक्ला को बड़े भाई के समान मानते हैं और जल्द उनसे मुलाकात करेंगे।बैठक में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष नीतू सिंह और क्षेत्रीय महामंत्री आदित्य त्रिवेदी सहित 17 जिलों के जिलाध्यक्ष और नवनियुक्त पदाधिकारी मौजूद रहे। क्षेत्रीय अध्यक्ष ने बताया कि प्रत्येक जिले में 200 से 300 नए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने की तैयारी है। बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत किया जाएगा।उन्होंने कहा कि नए संगठन में युवा जोश और पुराने कार्यकर्ताओं के अनुभव को साथ लेकर आगे बढ़ा जाएगा। संगठनात्मक योजना लागू होने के करीब 15 दिन बाद इसका असर जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगेगा।

 



17 जिलों में 200-300 नए कार्यकर्ता जोड़ने की तैयारी
क्षेत्रीय अध्यक्ष ने बताया कि बैठक में नवनियुक्त पदाधिकारियों, कार्यसमिति सदस्यों और क्षेत्र के 17 जनपदों के जिलाध्यक्षों को बुलाया गया था। संगठन में अभी प्रत्येक जिले में करीब 200 से 300 नए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जानी है। कार्यकर्ताओं की क्षमता और कुशलता के आधार पर दायित्व तय किए जाएंगे। बूथ स्तर के संगठन को मजबूत करने के लिए एक-एक विधानसभा की जिम्मेदारी देने की भी योजना है।