
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। सोमवार सुबह से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। देर रात शुरू हुई रिमझिम बारिश सुबह तक जारी रही और करीब 9 बजे के बाद तेज बारिश ने शहर की रफ्तार थाम दी। दिन में ही आसमान में घने बादल छा गए, जिससे अंधेरा जैसा माहौल बन गया। लगातार हो रही बारिश के चलते शहर के 50 से अधिक इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।बारिश का सबसे अधिक असर सर्वोदय नगर, स्वरूप नगर, आरटीओ कार्यालय, हैलट अस्पताल, गोविंद नगर, कल्याणपुर, मोतीझील, काकादेव, बेनाझाबर, कर्रही, नौबस्ता गल्लामंडी मार्ग, हंसपुरम और गडरिया पुरवा सहित कई क्षेत्रों में देखने को मिला। अपर श्रमायुक्त कार्यालय परिसर में पानी भर गया, जबकि आरटीओ कार्यालय के बाहर करीब एक फीट तक जलभराव होने से कई कारें और दोपहिया वाहन बीच रास्ते में फंस गए। स्वरूप नगर में मधुराज अस्पताल से द चाट चौराहे तक लंबा जाम लगा रहा।कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) के मौसम विभाग के अनुसार दोपहर 12 बजे तक शहर में लगभग 50 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि विभिन्न ट्रफ लाइनों और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के सक्रिय होने से मानसून पूरे क्षेत्र में प्रभावी बना हुआ है। इसी कारण आगामी पांच दिनों तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।बारिश के दौरान जगईपुरवा में जलभराव के बीच एक ई-रिक्शा सड़क के गड्ढे में पलट गया, जिससे 60 वर्षीय छिद्दू गंभीर रूप से घायल हो गए और चालक मोहम्मद अंजीद भी चोटिल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने खराब सड़क और जलनिकासी व्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन किया।लगातार बारिश के बीच शहर के कई इलाकों में नालियों और सड़कों पर जलभराव ने नगर निगम की तैयारियों पर भी सवाल खड़े कर दिए। लोगों का कहना है कि समय पर नालों की सफाई और जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बारिश में उन्हें इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।