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बारिश का कहर! 73 मकान जमींदोज, जलभराव से हाहाकार

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अमेठी में 59.26 फीसदी बारिश दर्ज हुई।

पारदर्शी विकास न्यूज़  अमेठी।पिछले कई दिनों से लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित है। जिले के सैकड़ों गांवों में जलभराव और कीचड़ की समस्या से लोग परेशान हैं।73 कच्चे मकान बारिश में जमींदोज हो चुके हैं। गोमती नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में मंगलवार को सामान्य के सापेक्ष 95फीसदी औसत बारिश हुई है। अमेठी में 22.4मिमी बरसात हुई है।गोमती नदी का जल स्तर 84.730मी है,जो खतरे के निशान से 3.190मीटर कम है।बीती रात और मंगलवार को दिन भर बारिश के बाद अमेठी में बारिश का आंकड़ा 59.26फीसदी पहुंच गया है। बारिश के कारण कच्चे मकानों के गिरने का क्रम जारी है। बारिश में जलभराव की समस्या दूर करने और पीड़ितों को राहत देने के लिए डी एम संजय चौहान ने कड़े निर्देश जारी किए गए। बारिश में जिनके मकान गिरे हैं, उनमें से 50परिवारों को प्रशासन की ओर से सहायता प्रदान की जा चुकी है।विकासखंड भादर क्षेत्र के बुधइयापुर भागीपुर ग्रामसभा में बारिश के चलते एक कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। मकान के मलबे में घर का घरेलू सामान दब गया है, जिससे परिवार को काफी नुकसान हुआ है। बारिश के कारण मकान की दीवारें लगातार कमजोर हो रही थीं। इसी बीच अचानक मकान भरभराकर ढह गया। हादसे से कुछ समय पहले ही परिवार के सभी सदस्य मकान से बाहर निकल आए थे। समय रहते बाहर निकलने के कारण परिवार की जान बच गई और बड़ा हादसा होने से टल गया।पीड़ित प्रेमकुमार वर्मा ने बताया कि तेज बारिश के कारण कच्चे मकान की दीवारें कमजोर हो गई थीं। देखते ही देखते मकान गिर पड़ा और अंदर रखा गृहस्थी का सामान मिट्टी व मलबे के नीचे दब गया। इससे परिवार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।मकान गिरने के बाद पीड़ित परिवार के सामने रहने और गृहस्थी का सामान जुटाने की समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार का सर्वे कराकर आर्थिक सहायता और जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है। लगातार बारिश को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्र में जर्जर और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की चिंता भी बढ़ गई है।


महसो में बारिश में एक मकान गिरा,दब गई गृहस्थी
कोतवाली क्षेत्र के महसो ग्राम सभा में बीती रात एक कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि परिवार के सभी लोग सुरक्षित बच गए, लेकिन पूरी गृहस्थी मलबे में दब गई।पीड़िता कुन्ता देवी पत्नी रामबोध यादव इसी कच्चे मकान में परिवार के साथ रहती थी। कई दिनों से हो रही बारिश के कारण दीवारें कमजोर हो गई थीं और सीलन आ गई थी। बीती रात अचानक मकान जमींदोज हो गया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़े और परिवार को मलबे से बाहर निकाला।हादसे में घर में रखा अनाज, चारपाई, बर्तन, कपड़े सहित सारा सामान दब गया। अब पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है और उसके सामने खाने-पीने का भी संकट खड़ा हो गया है।ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन से तत्काल मौके का सर्वे कराकर पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।