
पारदर्शी विकास न्यूज़ कानपुर। समाजवादी पार्टी द्वारा 5 अगस्त को लखनऊ में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं 'छोटे लोहिया' जनेश्वर मिश्र की जयंती पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसके तहत प्रदेशभर में ब्राह्मण सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। प्रयागराज के बाद कानपुर में भी किदवई नगर विधानसभा क्षेत्र में विधानसभा प्रभारी सुधांशु मिश्रा के नेतृत्व में ब्राह्मण सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें सांसद सनातन पांडेय मुख्य अतिथि रहे। सम्मेलन में "ब्राह्मण चला अखिलेश के संग" का नारा भी दिया गया।इसको लेकर कानपुर में समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। दोनों दलों के नेताओं ने ब्राह्मण समाज के समर्थन को लेकर अपने-अपने दावे किए।समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव आशीष चौबे ने कहा कि 5 अगस्त को लखनऊ स्थित जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी लगातार विभिन्न जिलों में ब्राह्मण सम्मेलन आयोजित कर रही है और समाज के लोगों का व्यापक समर्थन मिल रहा है।आशीष चौबे ने आरोप लगाया कि प्रदेश का ब्राह्मण समाज वर्तमान सरकार की नीतियों से असंतुष्ट है और बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के साथ जुड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आगामी कार्यक्रम में प्रदेश की राजनीतिक दिशा को लेकर संकल्प लिया जाएगा।भाजपा कानपुर उत्तर के जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने समाजवादी पार्टी के अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ब्राह्मण समाज किसी राजनीतिक दल के नारे से प्रभावित होने वाला समाज नहीं है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज हमेशा देश को दिशा देने वाला समाज रहा है और उसका सम्मान भारतीय जनता पार्टी में सुरक्षित है।अनिल दीक्षित ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी चुनावों से पहले केवल राजनीतिक लाभ के लिए ब्राह्मण समाज के नाम का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कानपुर में आयोजित सम्मेलन में सामान्य ब्राह्मण समाज की अपेक्षा राजनीतिक कार्यकर्ताओं की संख्या अधिक थी।ब्राह्मण सम्मेलन को लेकर दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए प्रदेश में विभिन्न सामाजिक वर्गों को साधने की राजनीतिक कोशिशें भी तेज होती नजर आ रही हैं।