
PARDARSHI VIKASH NEWS अयोध्या-रायबरेली राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले एक महीने में कुमारगंज, इनायतनगर, पूरा कलंदर और कैंट थाना क्षेत्रों में करीब 80 सड़क हादसे दर्ज किए गए हैं। इन घटनाओं में कम से कम 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। लगातार बढ़ते हादसों ने हाईवे की सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।स्थानीय लोगों और यातायात विशेषज्ञों के अनुसार, दुर्घटनाओं के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं। हाईवे पर पर्याप्त संकेतक (साइन बोर्ड) का अभाव, डिवाइडरों के बीच रात में सामने से आने वाली तेज रोशनी रोकने की व्यवस्था न होना और कई स्थानों पर गलत दिशा में वाहन चलाना प्रमुख वजहें हैं। मृतकों में अधिकतर बाइक सवार युवा शामिल हैं, जो तेज रफ्तार और हेलमेट न पहनने के कारण हादसों का शिकार हुए हैं।हाल के दिनों में कई दर्दनाक घटनाएं भी सामने आई हैं। 3 जून को इनायतनगर क्षेत्र के कुचेरा-शाहगंज मोड़ के पास डंपर की टक्कर से रामसागर यादव की मौत हो गई थी। 22 मई को मिल्कीपुर पेट्रोल पंप के पास पिकअप की टक्कर से राम जियावन की जान चली गई। वहीं 11 जून को कुमारगंज क्षेत्र में खड़ी बस में डंपर की टक्कर से कंडक्टर संतोष गुप्ता की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए।स्थानीय निवासी विनय गुप्ता ने बताया कि अयोध्या से कुमारगंज तक हाईवे पर स्पीड डिस्प्ले मीटर की व्यवस्था नहीं है और जहां लगा भी है, वह अक्सर खराब रहता है। वहीं एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि डिवाइडर के बीच सूख चुके पौधों की जगह नए पौधे लगाए जाएंगे, ताकि रात में सामने से आने वाली तेज रोशनी का असर कम हो और सड़क सुरक्षा में सुधार हो सके। फिलहाल स्थानीय लोग हाईवे पर तत्काल और सख्त सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग कर रहे हैं।